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Ola-Uber-Rapido Strike: सड़कों पर उतरे टैक्सी-ऑटो ड्राइवर, बोले- अवैध बाइक-महंगे पैनिक बटन से आमदनी खतरे में

Sat, 07 Feb 2026 11:10 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 07 Feb 2026 11:10 AM IST
सार

देशभर के ऐप-आधारित टैक्सी और ऑटो ड्राइवर शनिवार को एक दिन के हड़ताल पर हैं। यूनियन का कहना है कि अवैध बाइक टैक्सी, मनमानी किराया नीतियां और महंगे पैनिक बटन इंस्टॉलेशन उनकी आमदनी और सुरक्षा पर असर डाल रहे हैं।

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App-based taxi and auto drivers one-day strike Update Mumbai and across the country News In Hindi
Nationwide Ola, Uber and Rapido Drivers Strike - फोटो : AI

विस्तार

देशभर के ऐप-आधारित टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों आज यानी शनिवार को एक दिन के हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर बैठे ड्राइवरों का कहना है कि अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं, मनमानी किराया नीतियों और महंगे पैनिक बटन इंस्टॉलेशन ने उनकी कमाई और सुरक्षा पर असर डाला है। बता दें कि महाराष्ट्र कमगार सभा नाम के यूनियन ने यह हड़ताल बुलाई थी। यूनियन के अनुसार, उनका उद्देश्य कई समस्याओं पर ध्यान दिलाना है, जैसे कि अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर कार्रवाई, पैनिक बटन इंस्टॉलेशन की समस्याएं और इसके चलते कमाई पर होने वाला असर।

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महाराष्ट्र कमगार सभा के प्रमुख डॉ. केशव क्षीरसागर ने इस हड़ताल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि हड़ताल सुबह से महाराष्ट्र और देश के कई हिस्सों में शुरू हो गई। अधिकांश ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों ने हड़ताल का समर्थन किया।
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ऐप पर सेवाओं का कैसा है हाल?
हालांकि यूनियन ने दावा किया कि ड्राइवरों ने अपने वाहन सड़क पर नहीं निकाले, लेकिन प्रमुख ऐप कंपनियों जैसे उबर, ओला और रैपिडो पर सुबह से ही टैक्सियां और ऑटो बुकिंग के लिए उपलब्ध थीं।

क्या है ड्राइवरों की मुख्य मांगें, यहां समझिए

  • ड्राइवरों का कहना है कि ऐप कंपनियों की कीमत नीतियां मनमानी हैं।
  • अवैध बाइक टैक्सी पर कार्रवाई: इन अवैध सेवाओं से लाइसेंसधारी टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों की कमाई प्रभावित हो रही है।
  • पैनिक बटन इंस्टॉलेशन की परेशानी
  • ड्राइवरों के लिए पैनिक बटन लगाना अब महंगा और मुश्किल हो गया है।
  • केंद्र सरकार ने 140 कंपनियों को अनुमोदित किया है, लेकिन राज्य सरकार ने इनमें से 70% को अनधिकृत बता दिया।
  • इससे ड्राइवरों को पुराने डिवाइस हटाकर नए इंस्टॉल करने पर लगभग 12,000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
  • खुले परमिट नीति के कारण ऑटो की संख्या बढ़ने से ड्राइवरों की कमाई पर असर पड़ा है।
  • अगर कोई दुर्घटना अवैध बाइक टैक्सी से होती है, तो पीड़ित को बीमा का लाभ नहीं मिलता।
  • ड्राइवरों का कहना है कि उनकी मांगों को जल्द सुनवाई मिलनी चाहिए, वरना भविष्य में ऐसी हड़तालें और बढ़ सकती हैं।


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