देश के दुश्मनों की खैर नहीं: स्वदेशी तकनीक से सीमाओं पर नजर, डीआरडीओ ने तैयार किया एंटी ड्रोन सिस्टम
देश की सीमा पर आंख उठाने वालों की अब खैर नहीं है। देश की सीमा को सुरक्षित करने के लिए भारत ने स्वदेशी एंटी ड्रोन तकनीक विकसित कर लिया है। इसके जरिए अब दुश्मनों पर पैनी नजर रखी जाएगी। नेवल एंटी ड्रोन सिस्टम (एनएडीएस) को डीआरडीओ ने तैयार किया है ।
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देश की तरफ नजर उठाकर देखने वाले दुश्मनों पर पैनी नजर रखने के लिए भारत ने स्वदेशी एंटी ड्रोन तकनीक विकसित कर लिया है। इस तकनीक से अब देश की सीमा और सुरक्षित हो जाएगी। भारत ने स्वदेशी एंटी ड्रोन तकनीक विकसित किया है। भारतीय नौसेना ने हार्ड और सॉफ्ट किलर क्षमताओं के साथ पहले स्वदेशी एंटी ड्रोन सिस्टम की आपूर्ति के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के साथ करार किया है।नेवल एंटी ड्रोन सिस्टम (एनएडीएस) को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने बनाया है।
ये एंटी-ड्रोन सिस्टम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का भी हिस्सा होंगे। दरअसल, पाकिस्तान के आतंकी लाइन ऑफ कंट्रोल और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार जम्मू-कश्मीर में हथियार भेजने के लिए चाइनीज निर्मित कॉमर्शियल ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसे देखते हुए डीआरडीओ ने एंट्री ड्रोन टेक्नोलॉजी विकसित की है,जिससे दुश्मन के ड्रोन्स को कुछ ही पलों में निष्क्रिय कर गिरा दिया जाएगा।
NADS has been developed by DRDO & manufactured by Bharat Electronics Limited. First indigenously developed anti-drone system to be inducted into Indian Armed Forces.
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NADS can instantly detect& jam micro drones &use laser-based kill mechanism to terminate targets:Defence Ministry — ANI (@ANI) August 31, 2021