राहुल से मिले बीजेपी छोड़ने वाले पाटीदार नेता सवानी, लगाया खरीद-फरोख्त का आरोप
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गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी मैदान में उतरी पार्टियों के बीच घमासान लगातार जारी है। पाटीदार समाज के नेता नरेंद्र पटेल के बाद अब एक और नेता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से अलग हो गए हैं। करीब 15 दिन पहले बीजेपी से जुड़े निखिल सवानी ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने बीजेपी पर खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगया है।
सवानी ने कहा कि ‘मैंने बीजेपी द्वारा नरेंद्र पटेल को एक करोड़ रुपये के ऑफर की बात सुनी, मैं दुखी हूं। बीजेपी छोड़ रहा हूं।” वहीं उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और कहा कि उनके सामने पाटीदार समाज के हित के लिए अपनी बात रखी।
Heard about Rs 1 crore offer by BJP to Narendra Patel, I'm upset. Leaving BJP today: Nikhil Sawani, Patidar leader who had joined BJP pic.twitter.com/7vzrUwIMoc
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 23, 2017
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीजेपी के साथ जाना उनका एक गलत फैसला था। हालांकि, निखिल ने यह कहा है कि उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए कोई ऑफर नहीं दिया गया। निखिल ने यह भी कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी कोई कदम नहीं उठाना चाहती।
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बीजेपी से अलग होने के बाद अब निखिल आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे पाटीदार समुदाय के प्रमुख नेता हार्दिक पटेल के करीब आ गए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वे कांग्रेस उपाध्यक्ष से मिलने के लिए वक्त मांगेंगे। बता दें कि निखिल आरक्षण आंदोलन समिति के सूरत के संयोजक थे।
Will seek Rahul Gandhi's appointment, meet him and put forward my viewpoint: Nikhil Sawani after resigning from BJP
— ANI (@ANI) October 23, 2017
नरेंद्र का आरोप- मिला एक करोड़ का ऑफर
इससे पहले हार्दिक के करीबी माने जाने वाले नरेंद्र पटेल भाजपा का साथ छोड़ चुके हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने बीजेपी की ओर से पार्टी ज्वॉइन करने के लिए करीब 1 करोड़ का ऑफर दिया गया था।
नरेंद्र के मुताबिक उन्हें एडवांस में 10 लाख रुपये दिए गए थे और बाकी के 90 लाख पार्टी में शामिल हो जाने के बाद दिए जाने थे। इससे पहले यह तय माना जा रहा था कि वे बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। दरअसल, नरेंद्र पटेल ने रविवार रात अहमदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस सच को मीडिया के सामने रखा।
नरेंद्र ने कहा कि ये पैसा मुझे नहीं चाहिए, मैं सिर्फ पाटीदार समाज के लिए आंदोलन में आया हूं, मैं राजकीय अपेक्षा के लिए नहीं आया हूं।