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Polls 2023: अमित मालवीय बोले- कांग्रेस को सरकार चलाना नहीं आता, हम पांच में से चार राज्यों में बनाएंगे सरकार

Thu, 16 Nov 2023 09:39 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Thu, 16 Nov 2023 09:39 PM IST
सार

अमित मालवीय का मानना है कि कांग्रेस को सरकार चलाना नहीं आता। भाजपा पांच में से तीन राज्यों (राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश) में स्पष्ट बहुमत की सरकार बनाएगी। तेलंगाना में केसीआर की पार्टी बीआरएस बहुमत लाएगी और मिजोरम में जीते चाहे जो, सरकार एनडीए के सहयोग से बनेगी।

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Amit Malviya Claimed Congress doesnt know how to run government we will form government in 4 out of 5 states
अमित मालवीय - फोटो : Social media

विस्तार

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी उम्मीदें हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का माइक्रो मैनेजमेंट प्रभावी लग रहा है। भाजपा की आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक (प्रमुख) अमित मालवीय इसी आधार पर साफ कहते हैं कि कांग्रेस को सरकार चलाना नहीं आता। भाजपा पांच में से तीन राज्यों (राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश) में स्पष्ट बहुमत की सरकार बनाएगी। तेलंगाना में केसीआर की पार्टी बीआरएस बहुमत लाएगी और मिजोरम में जीते चाहे जो, सरकार एनडीए के सहयोग से बनेगी। यानी भाजपा के दोनों हाथों में लड्डू आने वाले हैं। अमित मालवीय कोई भी तर्क रहने के पीछे, राजनीतिक, सामाजिक तर्क का आधार रखते हैं। मालवीय के बारे में आम है कि वह लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व के दुलारे हैं। इसके पीछे का बड़ा कारण उनका होमवर्क है।
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पहले बात करते हैं राजस्थान की
भाजपा को यहां से बंपर जीत की उम्मीद है। 200 विधानसभा सीटों वाले राजस्थान में भी दावा कोई 120-125 सीटें जीतने का है। अमित मालवीय इस जीत का आधार अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा, नाराजगी, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति को बताते हैं। हालांकि, भाजपा का भावी मुख्यमंत्री के चेहरे का सवाल अनुत्तरित है। वह कहते हैं कि भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कोई अपमान तो किया नहीं। वह चुनाव मैदान में हैं। क्षेत्रवार नेता पार्टी को जिताने में लगे हैं। दिग्गज चुनाव मैदान में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सामूहिक जिम्मेदारी पर चुनाव लड़ा जा रहा है। सबसे दिलचस्प है कि पांच साल बाद भी भाजपा द्वारा चेहरा न दे पाने पर अमित मालवीय पांच साल पहले वाला नारा (मोदी तुझसे बैर नहीं, वसुंधरा तेरी खैर नहीं) दोहराते हैं। यानी 2018 का विधानसभा चुनाव वसुंधरा के चेहरे पर था। इसमें भाजपा हार गई थी। 2019 का चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर था। दूसरी पार्टी का राजस्थान में खाता नहीं खुला। इस बार सब चेहरे मिलकर प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर भाजपा को जिताएंगे।
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MP में मामा से सूबे की महिलाओं और लड़कियों को भावनात्मक लगाव
अमित मालवीय का जीत का यह मंत्र थोड़ा चौंकाता है। वह कहते हैं कि लाड़ली योजना ने 1.3 करोड़ महिलाओं और बच्चियों को जोड़ा। राज्य की महिलाओं और बच्चियों के जीवन को शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने बहुत ऊपर उठाया। मालवीय कहते हैं कि महिलाएं और बच्चियां शिद्दत से इसे महसूस करती हैं। फिर बड़ा सवाल है कि शिवराज सिंह चौहान को 15 दिन पहले भाजपा ने महत्व देना क्यों शुरू किया? कदाचित पहले करती तो हार-जीत का अंतर बड़ा होता? 
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मालवीय कहते हैं कि दरअसल शिवराज सिंह चौहान पिछले करीब दो दशक से मुख्यमंत्री हैं। इसलिए कुछ लोगों में नाराजगी थी। फिलहाल हमने (भाजपा) माइक्रोमैनेजमेंट से मध्य प्रदेश में सरकार विरोधी लहर को साध लिया है। वहां भी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश में वैसे भी भाजपा का संगठन बहुत मजबूत है। समाज में जड़ें गहरी हैं। शिवराज सरकार ने लोगों के दिल को छुआ है। इसलिए कुछ लोग शिवराज, कुछ नरेंद्र सिंह तोमर, कुछ ज्योतिरादित्य, कुछ अन्य और प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर वोट देंगे। भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख के मुताबिक मतदान का प्रतिशत बढ़ा तो सीटें 125-135 तक मिल सकती हैं। औसत रहा तो 115-120 आनी ही है। कांग्रेस की हार के कारण के बारे में पूछने पर अमित मालवीय कहते हैं कि सबसे कारण कांग्रेस का अंर्तकलह ही है।

सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ चौंकाएगा, पिछली बार भी धान पर बोनस दिया होता तो....
तीन दिसंबर की मतगणना में भाजपा की 40-50 सीटें जीतकर आएंगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। अमित मालवीय इस जीत के पीछे धान के बोनस की संकल्प पत्र में घोषणा को अहम मान रहे हैं। कहते हैं कि पिछली रमन सिंह की सरकार ने दो साल का बोनस दिया होता तो 2018 में चुनाव न हारते। यह रमन सिंह सरकार ने बंद कर दिया था। इस बार घोषणा की है कि सत्ता में आने के बाद 25 दिसंबर से दो साल का पिछला बोनस और इस बार का बोनस सब जोड़कर देंगे। अब जीतने और सरकार बनाने में कोई संदेह नहीं है। कोई मुख्यमंत्री का चेहरा न होने और अंत में रमन सिंह को मंच पर महत्व देने पर कहते हैं कि इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस की बघेल सरकार ने कच्ची शराब बेची, गरीबों का खून चूसा, भ्रष्टाचार चरम पर रहा। बस मीडिया प्रबंधन अच्छा था। वह तर्क देते हैं कि इस बार जनता कांग्रेस की सरकार को हराना चाहती है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण पर वोट करेगी।  

मिजोरम में जीते चाहे जो सरकार एनडीए के सहयोग से बनेगी
यह दावा दिल्ली नगर निगम के चुनाव का नतीजा आने से पहले भाजपा के तत्कालीन दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने भी किया था। उसी को दूसरे तरीके से अमित मालवीय ने दोहराया है। मालवीय ने कहा कि मिजोरम में जीते चाहे जो सरकार हमारे (एनडीए) के सहयोग से बनेगी। वह मिजोरम पर इसके आगे कोई और प्रतिक्रिया नहीं देते।


तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति बनाएगी सरकार
भाजपा के आईटी प्रमुख की इस भविष्यवाणी ने चौंकाया। यह समझ में नहीं आया कि अमित मालवीय भारत राष्ट्र समिति के नेता और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव द्वारा सरकार बनवाने की भविष्यवाणी क्यों कर रहे हैं। वैसे, इधर भारत राष्ट्र समिति और भाजपा का रिश्ता थोड़ा मीठे दौर से गुजर रहा है। लेकिन इसका अर्थ बस एक है कि पांच राज्यों में कहीं भी कांग्रेस के हाथ में कुछ नहीं आने वाला। मालवीय कहना चाह रहे हैं कि लोकसभा 2024 के पहले 2023 के सेमीफाइनल में भी जो है, वह केवल भाजपा है।
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