{"_id":"62d88e7ee32ab058df061f21","slug":"amidst-political-tussle-central-government-stopped-mgnrega-budget-of-west-bengal","type":"story","status":"publish","title_hn":"MGNREGA: सियासी खींचतान के बीच केंद्र ने बंगाल का मनरेगा बजट रोका, गड़बड़ियों पर जवाब न मिलने पर हुई कार्रवाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
MGNREGA: सियासी खींचतान के बीच केंद्र ने बंगाल का मनरेगा बजट रोका, गड़बड़ियों पर जवाब न मिलने पर हुई कार्रवाई
Thu, 21 Jul 2022 04:53 AM IST
देव कश्यप
महेंद्र तिवारी, नई दिल्ली।
महेंद्र तिवारी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 21 Jul 2022 04:53 AM IST
सार
ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में मनरेगा का क्रियान्वयन संतोषजनक नहीं है। विभिन्न स्तर से शिकायतें आ रही हैं। राज्य केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन भी नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
मनरेगा योजना (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र की नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के बीच सियासी दांव-पेच कोई नई बात नहीं है। सियासी विवाद का नया फ्रंट महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर खुल सकता है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने निर्देशों का पालन न किए जाने का हवाला देते हुए पश्चिम बंगाल को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए मनरेगा बजट के आवंटन पर रोक लगा दी है। अन्य राज्यों को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। पश्चिम बंगाल को पिछले वर्ष 7,507 करोड़ रुपये मनरेगा के लिए जारी किए गए थे। राज्यों को मनरेगा गाइडलाइन का पालन करते हुए बजट खर्च कर केंद्र को उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना होता है।
विज्ञापन
केंद्र नियमानुसार बजट खर्च की मॉनीटरिंग करता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में मनरेगा का क्रियान्वयन संतोषजनक नहीं है। विभिन्न स्तर से शिकायतें आ रही हैं। राज्य केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन भी नहीं कर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने मनरेगा अधिनियम की धारा-27 के प्रावधान के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार को मनरेगा के अंतर्गत दी जाने वाली निधियों के आवंटन पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
राज्य को 2019-20 में 8507.61 करोड़ 2020-21 में 11454.05 करोड़ और 2021-22 में 7507.80 करोड़ का बजट मनरेगा के तहत मिलता रहा है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि "बजट मनरेगा मांग आधारित योजना है और इसके पारदर्शिता पूर्ण क्रियान्वयन की स्पष्ट गाइडलाइन है। पश्चिम बंगाल में नियमों को ताक पर रखकर योजना का काम हो रहा है। केंद्र सरकार ने दो बार राज्य में मंत्रालय की टीम जांच के लिए भेजी, लेकिन राज्य किसी सवाल का जवाब ही नहीं दे रहा है, जिससे आवंटन रोकना पड़ा है।"
मनरेगा एक्ट की धारा-27 का प्रावधान
केंद्र सरकार योजना के संबंध में दिए गए धन के अनुचित उपयोग या मुद्दे के संबंध मेंं कोई शिकायत पाती है और यदि प्रथमदृष्टया संतुष्ट हो कि वहां शिकायत की जांच कराई जानी चाहिए तो योजना के लिए धनराशि जारी करने पर रोक लगा सकती है। इसके अलावा उचित समय के भीतर योजना के ठीक से क्रियान्वयन के लिए आवश्यक उपाय कर सकता है।
प्रधानमंत्री आवास पर भी रार, आवंटन फंसा
केंद्र व पश्चिम बंगाल सरकार के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर भी खींचतान जारी है। केंद्र के समक्ष शिकायत की गई है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदलकर बांग्ला आवास योजना कर लिया है और केंद्र प्रायोजित योजना को राज्य योजना के रूप में पेश किया जा रहा है। बताया गया है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस शिकायत की तहकीकात के लिए मंत्रालय स्तर से राष्ट्रीय स्तर के निगरानीकर्ताओं (एनआरएलएम) को फरवरी-मार्च में राज्य के दौरे पर भेजा।
इस टीम ने अधिकतर पीएम आवास का नाम बदलकर बांग्ला आवास किए जाने की पुष्टि की और अपनी रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से साझा की। केंद्र ने नया आवंटन जारी करने से पहले नाम बदलने के मामले में कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराने और योजना के तहत राज्य को नई निधि व लक्ष्य आवंटित किए जाने से पहले भविष्य में इस प्रकार की चूक से बचने के लिए सुधारात्मक उपाय करने को कहा है। लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से नया आवंटन फंस गया है।