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अमर उजाला पोल: राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवैधानिक पदों का मखौल उड़ाना सही नहीं है
Fri, 04 Jan 2019 07:49 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 04 Jan 2019 07:49 PM IST
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हाल ही में उर्जित पटेल ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से अपना इस्तीफा दे दिया। हालांकि उर्जित ने निजी कारणों का हवाला दिया। लेकिन इसके पीछे की कहानी पहले से लिखी जा रही थी। आरबीआई और सरकार के बीच तनातनी के समय भी उर्जित पटेल के इस्तीफा देने की अटकलें लग रही हैं।
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लेकिन उस वक्त इस तरह की खबरों पर बोर्ड की बैठक के बाद विराम लग गया था। इसी तरह आरटीआई के अनुसार, मनमोहन सरकार के दौर में औसतन हर माह नौ हजार फोन कॉल्स टेप की जा रही थीं और करीब 500 ई-मेल्स की हर माह जांच की जा रही थी।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवैधानिक पदों का मखौल उड़ाना सही है?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 2351 वोट मिले। इनमें 17.95 फीसदी (422 वोट) पाठकों ने माना कि राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवैधानिक पदों का मखौल उड़ाना सही है। जबकि 82.05 फीसदी (1929 वोट) पाठकों ने माना कि राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवैधानिक पदों का मखौल उड़ाना सही नहीं है।