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पाकिस्तान में अमर उजाला की खबर की चर्चा
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
Updated Tue, 05 Apr 2016 06:02 AM IST
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पिछले दिनों अमर उजाला में अमरोहा के उर्दू लेखक की किताबों पर पाक की एक यूनिवर्सिटी की छात्रा के शोध करने से संबंधित समाचार प्रकाशित हुआ था। इस खबर को व्हाट्स एप पर पाकिस्तान भी भेजा गया था। इस खबर की पाकिस्तान खूब चर्चा रही।
अमर उजाला ने 30 मार्च को उर्दू लेखक डॉ. तसनीम फात्मा के उर्दू साहित्य कहानी और किताबों पर पाकिस्तान की फैसलाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रा हिना मुबीन द्वारा किए जा रहे शोध की खबर प्रकाशित की थी। खबर को यहां व्हाट्स एप पर पाकिस्तान भेज दिया गया था।
पाकिस्तान में अमर उजाला ई-पेपर के जरिए भी पढ़ा गया। खबर को उर्दू में अनुवाद करके पढ़ा गया। पिछले तीन चार दिन से फैसलाबाद यूनिवर्सिटी में अमर उजाला की यह खबर चर्चा में है। ई-पेपर के इंटरनेट लिंक के जरिए यह खबर खूब पढ़ी गई।
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यही नहीं यूनिवर्सिटी के उर्दू विभागाध्यक्ष हमीदुलशहर ने खबर के संबंध अपना कमेंट भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा है कि अमरोहवी तहजीब हमारे यहां से मेल खाती है। हमें दोंनों देशों में सियासी रिश्ते चाहे कैसे भी हों, लेकिन दोनों देशों की अवाम के दिलों में आज भी एक ही खून धड़कता है।
वहीं उर्दू के प्रोफेसर मुनीर हुसैन ने खबर पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि अमर उजाला की खबर से पता चलता है कि हमारी तहजीब एक ही हैं। छात्रा नफीस नसीर के अलावा हिना मुबीन के साथ पढ़ने वाली तमाम छात्राओं ने भी खबर को अच्छा बताया है।
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अमर उजाला ने 30 मार्च को उर्दू लेखक डॉ. तसनीम फात्मा के उर्दू साहित्य कहानी और किताबों पर पाकिस्तान की फैसलाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रा हिना मुबीन द्वारा किए जा रहे शोध की खबर प्रकाशित की थी। खबर को यहां व्हाट्स एप पर पाकिस्तान भेज दिया गया था।
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पाकिस्तान में अमर उजाला ई-पेपर के जरिए भी पढ़ा गया। खबर को उर्दू में अनुवाद करके पढ़ा गया। पिछले तीन चार दिन से फैसलाबाद यूनिवर्सिटी में अमर उजाला की यह खबर चर्चा में है। ई-पेपर के इंटरनेट लिंक के जरिए यह खबर खूब पढ़ी गई।
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यही नहीं यूनिवर्सिटी के उर्दू विभागाध्यक्ष हमीदुलशहर ने खबर के संबंध अपना कमेंट भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा है कि अमरोहवी तहजीब हमारे यहां से मेल खाती है। हमें दोंनों देशों में सियासी रिश्ते चाहे कैसे भी हों, लेकिन दोनों देशों की अवाम के दिलों में आज भी एक ही खून धड़कता है।
वहीं उर्दू के प्रोफेसर मुनीर हुसैन ने खबर पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि अमर उजाला की खबर से पता चलता है कि हमारी तहजीब एक ही हैं। छात्रा नफीस नसीर के अलावा हिना मुबीन के साथ पढ़ने वाली तमाम छात्राओं ने भी खबर को अच्छा बताया है।