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Karnataka: बांग्लादेश पर प्रस्ताव पारित करेगा संघ, कर्नाटक में 21 मार्च से आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक
Wed, 19 Mar 2025 04:31 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 19 Mar 2025 04:31 PM IST
सार
सुनील आंबेकर ने बताया कि आरएसएस से जुड़े 32 संगठनों के अध्यक्ष और महासचिव भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष शामिल हैं। '21 से 23 मार्च तक आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के कार्यकारी समिति के सदस्य यहां मिलेंगे। यह कार्यक्रम चार साल बाद बंगलूरू में हो रहा है।'
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मोहन भागवत, सरसंघचालक, RSS
- फोटो : ANI
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय प्रचार प्रभारी सुनील आंबेकर ने बताया कि, संघ की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 21 से 23 मार्च तक बंगलूरू में तीन दिवसीय बैठक करेगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इन तीन दिनों के दौरान, कार्यकारी समिति बांग्लादेश पर प्रस्ताव पारित करेगी और आरएसएस शताब्दी समारोह पारित किया जाएगा।
'बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति पर होगी चर्चा'
उन्होंने आगे कहा कि संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले संघ की तरफ से किए गए कार्यों और इसके भविष्य के रोडमैप का विस्तृत सारांश प्रस्तुत करेंगे। क्षेत्रीय प्रमुख भी अपने कार्यों, कार्यक्रमों, भूमिका और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे, जिनकी समीक्षा की जाएगी। सुनील आंबेकर ने कहा, 'बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति और आरएसएस की भूमिका पर कार्यकारी समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी और एक बार मंजूरी मिलने के बाद इसे कोर कमेटी के सामने पेश किया जाएगा।'
यह भी पढ़ें - RSS: 'औरंगजेब के नाम पर विवाद आज के दौर में प्रासंगिक नहीं', बोले आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर
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विजयादशमी पर संघ के 100 साल होंगे पूरे
वहीं आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के बारे में उन्होंने कहा कि इस साल विजयादशमी पर संघ अपने 100 साल पूरे कर लेगा। आरएसएस नेता ने कहा, 'यह आरएसएस का शताब्दी वर्ष है। इसकी शुरुआत 1925 में नागपुर में हुई थी और अब यह पूरे देश में फैल चुका है। इन तीन दिनों में आरएसएस शाखा के विस्तार और इसके लक्ष्यों पर चर्चा की जाएगी।' आरएसएस ने विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक शताब्दी वर्ष मनाने का फैसला किया है। शताब्दी वर्ष समारोह पर एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसे सार्वजनिक किया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Congress: क्या चुनाव वाकई स्वतंत्र और निष्पक्ष हो रहे हैं? कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बैठक में ये सभी पदाधिकारी भी होंगे शामिल
इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबले, आरएसएस के शीर्ष पदाधिकारी कृष्ण गोपाल, मुकुंद, अरुण कुमार, राम दत्त, आलोक कुमार, अतुल लिमये भी मौजूद रहेंगे। सुनील अंबेकर ने आगे बताया कि, 'राष्ट्रीय मजदूर संघ के हिरण्मय पंड्या और बी सुरेंद्रन, राष्ट्रीय सेविका समिति के शांतक्का, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष; वीएचपी के आलोक कुमार और मिलिंद परांडे समेत आरएसएस से जुड़े 32 संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।'
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'बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति पर होगी चर्चा'
उन्होंने आगे कहा कि संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले संघ की तरफ से किए गए कार्यों और इसके भविष्य के रोडमैप का विस्तृत सारांश प्रस्तुत करेंगे। क्षेत्रीय प्रमुख भी अपने कार्यों, कार्यक्रमों, भूमिका और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे, जिनकी समीक्षा की जाएगी। सुनील आंबेकर ने कहा, 'बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति और आरएसएस की भूमिका पर कार्यकारी समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी और एक बार मंजूरी मिलने के बाद इसे कोर कमेटी के सामने पेश किया जाएगा।'
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विजयादशमी पर संघ के 100 साल होंगे पूरे
वहीं आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के बारे में उन्होंने कहा कि इस साल विजयादशमी पर संघ अपने 100 साल पूरे कर लेगा। आरएसएस नेता ने कहा, 'यह आरएसएस का शताब्दी वर्ष है। इसकी शुरुआत 1925 में नागपुर में हुई थी और अब यह पूरे देश में फैल चुका है। इन तीन दिनों में आरएसएस शाखा के विस्तार और इसके लक्ष्यों पर चर्चा की जाएगी।' आरएसएस ने विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक शताब्दी वर्ष मनाने का फैसला किया है। शताब्दी वर्ष समारोह पर एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसे सार्वजनिक किया जाएगा।
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बैठक में ये सभी पदाधिकारी भी होंगे शामिल
इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबले, आरएसएस के शीर्ष पदाधिकारी कृष्ण गोपाल, मुकुंद, अरुण कुमार, राम दत्त, आलोक कुमार, अतुल लिमये भी मौजूद रहेंगे। सुनील अंबेकर ने आगे बताया कि, 'राष्ट्रीय मजदूर संघ के हिरण्मय पंड्या और बी सुरेंद्रन, राष्ट्रीय सेविका समिति के शांतक्का, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष; वीएचपी के आलोक कुमार और मिलिंद परांडे समेत आरएसएस से जुड़े 32 संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।'
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