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एक क्लिक में जानिए कर्नल पुरोहित के बारे में वो सभी बातें, जिसे जानना चाहते हैं आप

Wed, 23 Aug 2017 01:31 PM IST
amarujala.com- Presented By: त्रिनाथ त्रिपाठी
amarujala.com- Presented By: त्रिनाथ त्रिपाठी Updated Wed, 23 Aug 2017 01:31 PM IST
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All about colonel shrikant purohit and his connection with malegaon blast
कर्नल पुरोहित

मालेगांव ब्लास्ट के आरोप में लगभग 9 साल जेल में गुजारने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित आज जेल से रिहा हो गए। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए बम ब्लास्ट के केस में आरोपी कर्नल पुरोहित की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मंजूर कर ली थी। NIA ने शीर्ष अदालत में पुरोहित को जमानत देने का विरोध किया। उसका कहना था कि लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को दोषी ठहराने के पर्याप्त कारण हैं। सुप्रीम कोर्ट मामले के अन्य प्रमुख आरोपियों साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और असीमानंद को भी जमानत दे चुका है।

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मिलिट्री इंटेलीजेंस में कर दिया गया शिफ्ट
पुणे में जन्में श्रीकांत पुरोहित का जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ। श्रीकांत के पिता बैंक में नौकरी करते थे उनकी एजुकेशन पुणे में ही हुई। 1994 में पुरोहित को मराठा लाइट इन्फेन्ट्री के लिए सलेक्ट किया गया था। जम्मू-कश्मीर में काम करते वक्त वो बीमार हो गए, जिस वजह से उन्हें मेडिकली डाउनग्रेड कर दिया गया। इस वक्त उन्हें मिलिट्री इंटेलीजेंस में शिफ्ट किया गया।
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पढ़ें:- मालेगांव ब्लास्ट केस में पहली बार आया था 'हिंदू आतंकवाद' का नाम
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2002 और 2005 के बीच जम्मू-कश्मीर में पुरोहित बेहद महत्वपूर्ण आतंक-विरोधी ऑपरेशन का हिस्सा बने। इस वक्त उन्हें MI-25 इंटेलीजेंस फील्ड सिक्योरिटी यूनिट में तैनाती मिली। इस यूनिट की जिम्मेदारी बॉर्डर के आस-पास दुश्मन पर नजर रखना होता है। कहा जाता है कि नासिक के नजदीक दिओली में लाइसन यूनिट ऑफीसर रहते वक्त वो रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय के संपर्क में आए।

मालेगांव केस में ऐसे हुई थी गिरफ्तारी

All about colonel shrikant purohit and his connection with malegaon blast
purohit

कहा जाता है कि उपाध्याय ने एक अतिवादी हिंदूवादी संगठन अभिनव भारत बनाया, जिसके पुरोहित बाद में हिस्सा बने। उपाध्याय भी मालेगांव केस में जेल में हैं। पुरोहित पर ये भी आरोप लगे कि उन्होंने सेना का 60 किलो आरडीएक्स भी चुराया था, जिसमें से कुछ का इस्तेमाल मालेगांव ब्लास्ट में किया गया।

उनपर हिंदूवादी संगठन अभिनव भारत को फंडिंग और समूह के लोगों की ट्रेनिंग कराने का भी आरोप लगा। पुरोहित जब आर्मी एजुकेशन कॉर्प्स ट्रेंनिंग कॉलेज सेन्टर पंचमढ़ी, मध्यप्रदेश में तैनात थे और अरबी सीख रहे थे, उस वक्त पुलिस ने कुछ एसएमएस को डिकोड किया जो कि मालेगांव ब्लास्ट के बाद पुरोहित की तरफ से उपाध्याय को भेजे गए थे।

जिसके बाद उन्हें मामले में पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। श्रीकांत उस वक्त से जेल में ही थे।

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