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49 सांसदों ने शशिकला से किया पार्टी संभालने का अनुरोध
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Dec 2016 06:59 PM IST
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शशिकला
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जयललिता के निधन के बाद उनकी करीबी शशिकला का एआईएडीएमके की कमान संभालना अब और भी आसान हो गया है। शशिकला को पार्टी के सभी 49 सांसदों का समर्थन मिल गया है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शशिकला को समर्थन देने की कड़ी में पार्टी के सभी सांसद जयललिता के पोज गार्डन पहुंचे और शशिकला से अनुरोध किया कि वे पार्टी की कमान संभाले। एआईएडीएमके संसद में कांग्रेस के बाद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है और राज्यसभा में विधेयकों को पास कराने में अहम भूमिका रखती है।
मंगलवार को पार्टी की कई जिला इकाइयों कृष्णागिरी, मदुराई, तुतीकोरिन, तंजावुर दक्षिण में प्रस्ताव पारित कर शशिकला को पार्टी महासचिव उम्मीदवार बनाने की मांग की। वहीं, पार्टी के किसान संगठनों के नेताओं ने भी शशिकला से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि वह पार्टी को संभाले और कर्नाटक के साथ जल विवाद पर राज्य की बात रखे।
एआईएडीएमके के सभी 49 सांसदों और शशिकला ने जयललिता को पुष्पांजलि अर्पित की। सूत्रों का कहना है कि करीब पौने पांच बजे सभी सांसदों की ओर से लोकसभा में डिप्टी स्पीकर एम तंबीदुराई ने शशिकला से कहा कि जयललिता के निधन के बाद पार्टी महासचिव का पद खाली है और वह जिम्मेदारी लेकर पार्टी संभाले। जयललिता ने 7 बार पार्टी के महासचिव का चुनाव जीता। आखिरी बार पार्टी का ऐसा चुनाव अगस्त 2014 में हुआ था।
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तंबादुराई को पार्टी महासचिव के लिए सबसे बड़े दावेदार माना जा रहा था लेकिन उन्होंने शशिकला के नाम को आगे बढ़ाकर साफ कर दिया कि अब वे ही पार्टी की मुखिया होंगी।
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मंगलवार को पार्टी की कई जिला इकाइयों कृष्णागिरी, मदुराई, तुतीकोरिन, तंजावुर दक्षिण में प्रस्ताव पारित कर शशिकला को पार्टी महासचिव उम्मीदवार बनाने की मांग की। वहीं, पार्टी के किसान संगठनों के नेताओं ने भी शशिकला से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि वह पार्टी को संभाले और कर्नाटक के साथ जल विवाद पर राज्य की बात रखे।
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एआईएडीएमके के सभी 49 सांसदों और शशिकला ने जयललिता को पुष्पांजलि अर्पित की। सूत्रों का कहना है कि करीब पौने पांच बजे सभी सांसदों की ओर से लोकसभा में डिप्टी स्पीकर एम तंबीदुराई ने शशिकला से कहा कि जयललिता के निधन के बाद पार्टी महासचिव का पद खाली है और वह जिम्मेदारी लेकर पार्टी संभाले। जयललिता ने 7 बार पार्टी के महासचिव का चुनाव जीता। आखिरी बार पार्टी का ऐसा चुनाव अगस्त 2014 में हुआ था।
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तंबादुराई को पार्टी महासचिव के लिए सबसे बड़े दावेदार माना जा रहा था लेकिन उन्होंने शशिकला के नाम को आगे बढ़ाकर साफ कर दिया कि अब वे ही पार्टी की मुखिया होंगी।