अध्ययन: कोलकाता समेत बंगाल के छह शहरों में दिसंबर के दौरान खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था वायु प्रदूषण
यह अध्ययन बताता है कि सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण सभी शहरों में एक गंभीर समस्या है। एनसीआर और उत्तर प्रदेश में स्थानों के मुकाबले बंगाल के दुर्गापुर और हावड़ा में गंभीर और बहुत गंभीर स्थिति देखी गई।
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पिछले साल दिसंबर में पश्चिम बंगाल के छह शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि देखी गई थी। यह जानकारी विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) के अध्ययन में सामने आई है। इन शहरों में राज्य की राजधानी कोलकाता, हावड़ा, आसनसोल, सिलीगुड़ी, दुर्गापुर और हल्दिया शामिल हैं। यह अध्ययन इन शहरों के रियल टाइम डाटा के आधार पर किया गया है।
सीएसई के सतत शहर कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर अविकल सोमवंशी ने कहा कि यह केंद्र की शहरी डाटा एनालिटिक्स लैब की पहल 'वायु गुणवत्ता ट्रैकर' का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस नए विश्लेषण का उद्देश्य पश्चिम बंगाल के उन प्रमुख शहरों में जहां रियर टाइम वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग मौजूद है वहां सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की प्रकृति व मात्रा को समझना है।
जल्द से जल्द एक्शन प्लान लाने की आवश्यकता
सोमवंशी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में प्रमुख उद्योग केंद्र दुर्गापुर में साल 2021 में सबसे अधिक वायु प्रदूषण दर्ज किया गया। यहां का औसत वार्षिक पीएम 2.5 स्तर 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। वहीं, हल्दिया में 2021 में इसका औसत मान सबसे कम 39 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द से जल्द एक्शन प्लान लाने की जरूरत है।
अविकल सोमवंशी ने कहा, हमने देखा है कि सर्दियों की शुरुआत के कारण दिसंबर की शुरुआत से बंगाल में वायु प्रदूषण समकालिक रूप में खराब होने लगता है और जनवरी तक जारी रहता है। यहां तक कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए प्रतिबंध भी इसमें सुधार नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सर्दियों में गंभीर हालात की ओर इशारा करती है।
इस तरह से मापा जाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत के दौरान औसत साप्ताहिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दुर्गापुर में 171, हावड़ा में 148 और कोलकाता में 118 पर रहा। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम, 201-300 के बीच खराब, 201-400 के बीच बहुत खराब और 401-500 के बीच को गंभीर माना जाता है।