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Hindi News ›   India News ›   Akali Dal threatens to go out from NDA ahead of general election 2019

आम चुनाव से पहले एनडीए का एक और पुराना साथी खफा, साथ छोड़ने की दी धमकी

Thu, 31 Jan 2019 01:37 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Thu, 31 Jan 2019 01:37 AM IST
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Akali Dal threatens to go out from NDA ahead of general election 2019
अकाली दल

आम चुनाव से ठीक पहले भाजपा के सबसे पुराने मित्र अकाली दल ने एनडीए  से बाहर जाने की धमकी दी है। पार्टी ने भाजपा पर गुरुद्वारा मामले में दखलंदाजी करने और गुरुद्वारा कानून में संशोधन की साजिश करने का आरोप लगाया। विवाद भाजपा के विधायक को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित हजूर तख्त साहिब का प्रधान नियुक्त करने पर शुरू हुआ। 

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सूत्रों का कहना है कि अकाली दल महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने पार्टी नेतृत्व के इशारे पर भाजपा नेतृत्व पर सीधा हमला बोला है। सिरसा ने कहा कि अकाली दल के लिए गठबंधन, सत्ता से ज्यादा अहम गुरु घर है। भाजपा और केंद्र सरकार सिखों के धार्मिक मामले में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा ने पटना साहिब  तख्त पर कब्जा की कोशिश की। मगर तब सुखबीर सिंह बादल और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच बातचीत के बाद विवाद टल गया। 
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अब भाजपा ने दूसरे अकाल तख्त हजूर साहिब पर कब्जा करने के लिए अपने विधायक को इसका प्रधान बनवा दिया। भाजपा गुरुद्वारा कानून में संशोधन कर तख्तों पर कब्जा करना चाहती है। महाराष्ट्र सरकार ने गुरुद्वारों में नियुक्ति का अधिकार खुद अपने पास रख लिया है। यह एक शुरुआत है। मगर हम ऐसा नहीं होने देंगे और सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।
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फिर शीर्ष नेतृत्व साधेगा निशाना

अकाली दल सूत्रों के मुताबिक नांदेड़ तख्त मामले के विवाद में भाजपा के न झुकने के बाद पार्टी नेतृत्व ने सिरसा को सीधा हमला बोलने का निर्देश दिया। अगर सिरसा के हमले के बाद भी भाजपा बीच का रास्ता नहीं निकालती तो जल्द ही अकाली दल का शीर्ष नेतृत्व केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधेगा।


यूपी के दोनों सहयोगी नाराज

अकाली दल ने सरकार पर तब हमला बोला है जब यूपी के दोनों सहयोगी अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ-साथ महाराष्ट्र में शिवसेना खफा है। भाजपा नेतृत्व जदयू-लोजपा से विवाद सुलझाने के बाद अब शिवसेना को साधने में जुटी है। चूंकि चुनाव सिर पर है, इसलिए पार्टी सहयोगियों को नाराज करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहती।

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