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अहमदाबाद विमान हादसा: इंसाफ और सच की आस में पीड़ित परिवार, पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी
Sat, 04 Apr 2026 09:44 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 04 Apr 2026 09:44 PM IST
सार
अहमदाबाद में हुए भीषण एअर इंडिया विमान हादसे के 10 महीने बाद भी पीड़ित परिवार सच के लिए भटक रहे हैं। परिजनों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ब्लैक बॉक्स का डाटा सार्वजनिक करने और एयरलाइन की ओर से सामान लौटाने की प्रक्रिया को सुधारने की मांग की है।
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अहमदाबाद विमान हादसा
- फोटो : ANI
विस्तार
पिछले साल जून में हुए दर्दनाक एअर इंडिया विमान हादसे को करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अपनों को खोने वाले परिवारों के आंसू आज भी सूखे नहीं हैं। अब इस हादसे में मारे गए 260 लोगों के बेबस परिवारों ने सच जानने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ितों के परिजनों ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि हादसे का सच जानने के लिए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और ब्लैक बॉक्स का डाटा सार्वजनिक किया जाए।
सच जानने का हक हमारा है-पीड़ित परिवार
अहमदाबाद में गुजरात के करीब 30 पीड़ित परिवारों ने एक बैठक की। इस दौरान ही प्रधानमंत्री को पत्र भेजने का फैसला किया गया। परिवारों का कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन क्या हुआ था? क्या विमान में कोई तकनीकी खराबी थी या कोई मानवीय चूक? उन्होंने मांग की है कि अगर सुरक्षा कारणों से ब्लैक बॉक्स के डाटा को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम पीड़ित परिवारों के साथ इसे बंद कमरे में साझा किया जाए। हादसे में अपने 24 साल के जवान बेटे को खोने वाले नीलेश पुरोहित कहते हैं कि मेरा घर पूरी तरह खाली हो गया है। कोई भी मुआवजा इस खालीपन को नहीं भर सकता। हमें पैसा नहीं चाहिए, हमें सिर्फ यह जानना है कि उस दिन असल में हुआ क्या था?
यह भी पढ़ें: Khabaron Ke Khiladi: कहीं हिंसा, कहीं ध्रुवीकरण की कोशिश; विश्लेषकों ने बताया कहां कैसे चल रहा चुनाव
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अस्पताल जैसे सिस्टम से बढ़ी मुश्किलें
हादसे के बाद एअर इंडिया की तरफ से की गई व्यवस्थाओं को लेकर भी परिवारों में भारी नाराजगी है। पीड़ितों के सामान की पहचान के लिए एयरलाइन ने एक वेबसाइट बनाई है, जिस पर 25 हजार से ज्यादा सामानों की लिस्ट है। वासद की रहने वाली किंजल पटेल ने इस हादसे में अपनी मां को खो दिया। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर तस्वीरें इतनी धुंधली हैं कि सामान पहचानना नामुमकिन है।
वहीं, खेड़ा के रोमिन वोरा ने मां, भाई और बेटी को खोया है। उनका कहना है कि जो लोग गांवों में रहते हैं और ईमेल करना नहीं जानते, वे एयरलाइन से संपर्क ही नहीं कर पा रहे हैं। एक ईमेल का जवाब आने में 15-15 दिन लग जाते हैं। अपनों के सामान को इस तरह सार्वजनिक पोर्टल पर देखना भी परिवारों को मानसिक रूप से परेशान कर रहा है।
हादसे की कड़वी यादें
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान पास के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल के ऊपर गिर गया था। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों के अलावा जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी मौत हो गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) इस साल जून तक अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंप सकता है।
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सच जानने का हक हमारा है-पीड़ित परिवार
अहमदाबाद में गुजरात के करीब 30 पीड़ित परिवारों ने एक बैठक की। इस दौरान ही प्रधानमंत्री को पत्र भेजने का फैसला किया गया। परिवारों का कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन क्या हुआ था? क्या विमान में कोई तकनीकी खराबी थी या कोई मानवीय चूक? उन्होंने मांग की है कि अगर सुरक्षा कारणों से ब्लैक बॉक्स के डाटा को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम पीड़ित परिवारों के साथ इसे बंद कमरे में साझा किया जाए। हादसे में अपने 24 साल के जवान बेटे को खोने वाले नीलेश पुरोहित कहते हैं कि मेरा घर पूरी तरह खाली हो गया है। कोई भी मुआवजा इस खालीपन को नहीं भर सकता। हमें पैसा नहीं चाहिए, हमें सिर्फ यह जानना है कि उस दिन असल में हुआ क्या था?
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अस्पताल जैसे सिस्टम से बढ़ी मुश्किलें
हादसे के बाद एअर इंडिया की तरफ से की गई व्यवस्थाओं को लेकर भी परिवारों में भारी नाराजगी है। पीड़ितों के सामान की पहचान के लिए एयरलाइन ने एक वेबसाइट बनाई है, जिस पर 25 हजार से ज्यादा सामानों की लिस्ट है। वासद की रहने वाली किंजल पटेल ने इस हादसे में अपनी मां को खो दिया। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर तस्वीरें इतनी धुंधली हैं कि सामान पहचानना नामुमकिन है।
वहीं, खेड़ा के रोमिन वोरा ने मां, भाई और बेटी को खोया है। उनका कहना है कि जो लोग गांवों में रहते हैं और ईमेल करना नहीं जानते, वे एयरलाइन से संपर्क ही नहीं कर पा रहे हैं। एक ईमेल का जवाब आने में 15-15 दिन लग जाते हैं। अपनों के सामान को इस तरह सार्वजनिक पोर्टल पर देखना भी परिवारों को मानसिक रूप से परेशान कर रहा है।
हादसे की कड़वी यादें
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान पास के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल के ऊपर गिर गया था। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों के अलावा जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी मौत हो गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) इस साल जून तक अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंप सकता है।