फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   air force chief ap singh concerns over delayed tejas procurement amid china tests 6th generation fighter jets

Air Force: चीन छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बना रहा, हमें अभी भी तेजस का इंतजार! वायुसेना प्रमुख ने जताई चिंता

Thu, 09 Jan 2025 09:18 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 09 Jan 2025 09:18 AM IST
सार

वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में समय बेहद अहम होता है और अगर समयसीमा का ख्याल न रखा जाए तो तकनीक का फिर कोई उपयोग नहीं होता। 

विज्ञापन
air force chief ap singh concerns over delayed tejas procurement amid china tests 6th generation fighter jets
एयर मार्शल एपी सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने तेजस लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण में हो रही देरी पर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि चीन छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का परीक्षण कर रहा है, जबकि हम अभी भी भारत में बन रहे तेजस लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण का इंतजार कर रहे हैं। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में समय बेहद अहम होता है और अगर समयसीमा का ख्याल न रखा जाए तो तकनीक का फिर कोई उपयोग नहीं होता। 
विज्ञापन


lतेजस मिलने में वर्षों की देरी पर वायुसेना प्रमुख क्या बोले
21वें सुब्रतो मुखर्जी सेमिनार में वायुक्षेत्र में आत्मनिर्भरता विषय पर बोलते हुए वायुसेना प्रमुख अमरप्रीत सिंह ने कहा कि 'साल 2016 में हमने तेजस को वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की थी। साल 1984 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी। इसके 17 साल बाद वायुयान ने उड़ान भरी। इसके 16 साल बाद तेजस को वायुसेना में शामिल करने की शुरुआत हुई। आज हम 2025 में हैं और हमें अभी भी पहले 40 विमानों का इंतजार है। ये हमारी उत्पादन क्षमता है।' एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा कि 'हमें प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की जरूरत है और हमारे पास कई स्त्रोत होने चाहिए, ताकि लोगों को यह डर रहे कि उनका ऑर्डर छिन भी सकता है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हालात नहीं बदलेंगे।' उन्होंने कहा कि 'क्षमता निर्माण बेहद अहम है। उत्पादन इकाइयों को आधुनिक उत्पादन प्रक्रिया में निवेश बढ़ाना चाहिए और साथ ही अपने कार्यबल को भी प्रशिक्षित करने की जरूरत है।'
विज्ञापन


'तकनीक समय पर न मिले तो अपनी उपयोगिता खो देती है'
एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा कि 'हमें अनुसंधान और विकास में ज्यादा राशि आवंटित करने और रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। हमें अपनी असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए और इससे डरना नहीं चाहिए। हम अभी अनुसंधान और विकास में रक्षा बजट का पांच प्रतिशत खर्च कर रहे हैं, जबकि इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाना चाहिए। अगर अनुसंधान और तकनीक समय पर पूरी न हो सके तो वे अपनी उपयोगिता खो देते हैं। रक्षा क्षेत्र में समय बेहद अहम होता है।' उल्लेखनीय है कि तेजस लड़ाकू विमानों का उत्पादन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चीन बना रहा छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान
भारत के तेजस लड़ाकू विमान पांचवीं पीढ़ी के हैं और उनमें ही काफी देरी हो रही है। वहीं चीन ने अपने छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का परीक्षण भी शुरू कर दिया है। यही वजह है कि वायुसेना प्रमुख ने देरी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 'हमारी उत्तरी और पश्चिमी सीमा पर चुनौतियां बढ़ रही हैं। दोनों तरफ के देश अपनी सेना की क्षमताओं में तेजी से इजाफा कर रहे हैं। जहां तक चीन की बात है वह न सिर्फ संख्याबल में बल्कि तकनीक के मामले में भी तेजी से तरक्की कर रहा है। उन्होंने हाल ही में छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का परीक्षण किया है।' चीन ने अपने स्टील्थ तकनीक वाले छठी पीढ़ी के विमानों जे-20 और जे-35 को रिकॉर्ड समय में तैयार किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed