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Tamil Nadu: एनडीए से बाहर निकलना ऐतिहासिक भूल वाले बयान पर AIADMK नेता की सफाई, बोले- मैंने ऐसा नहीं कहा था
Thu, 31 Jul 2025 02:40 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, थुथुुकुडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, थुथुुकुडी
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 31 Jul 2025 02:40 PM IST
सार
हाल ही में एआईएडीएमके के नेता और पूर्व राज्यमंत्री कदम्बुर राजू ने कहा था कि जयललिता के नेतृत्व में एआईएडीएमके ने किसी कारणवश वाजपेयी सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया था और इस ऐतिहासिक भूल के कारण बाद में डीएमके ने भाजपा का समर्थन किया।
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अन्नाद्रमुक और भाजपा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
1999 में अन्नाद्रमुक (AIADMK) का एनडीए से बाहर निकलना ऐतिहासिक भूल वाले बयान पर पूर्व राज्यमंत्री कदम्बुर राजू ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा था। मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था।
हाल ही में थुथुकुडी जिले में एआईएडीएमके और भाजपा कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त बैठक में बोलते हुए कदम्बुर राजू ने कहा था कि जयललिता के नेतृत्व में एआईएडीएमके ने किसी कारणवश वाजपेयी सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया था और इस ऐतिहासिक भूल के कारण बाद में डीएमके ने भाजपा का समर्थन किया और केंद्र सरकार में सत्ता साझा की, जो 14 साल तक चली। उन्होंने कहा था कि भाजपा ने डीएमके को सशक्त बनाया था। लेकिन डीएमके को इसका कोई सम्मान नहीं है।
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राजू के बयान की पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने आलोचना की और कहा कि उनकी टिप्पणी एक ऐतिहासिक भूल है। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि अम्मा जयललिता के कदम के कारण एआईएडीएमके 2001 में राज्य में सत्ता में आई और 2014 के लोकसभा चुनावों में 40 में से 37 सीटें जीतीं। वास्तव में भाजपा से समर्थन वापस लेने का जयललिता का निर्णय एक ऐतिहासिक क्रांति थी।
ये भी पढ़ें: 'संदेह वास्तविक सबूत की जगह नहीं ले सकता, दोषसिद्धि के लिए कोई साक्ष्य नहीं', कोर्ट का फैसला
अपना बयान वायरल होने के बाद राजू ने 30 जुलाई को स्पष्टीकरण दिया कि निहित स्वार्थों के कारण उनके भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी ऐतिहासिक भूल शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। मेरा मतलब था कि एआईएडीएमके द्वारा भाजपा गठबंधन से समर्थन वापस लेने के परिणामस्वरूप डीएमके भाजपा के साथ जुड़ गई। वह केवल इस बात पर बोल रहे थे कि एआईएडीएमके का भाजपा के साथ गठबंधन खराब था, जबकि डीएमके का उसके साथ गठबंधन अच्छा था।
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हाल ही में थुथुकुडी जिले में एआईएडीएमके और भाजपा कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त बैठक में बोलते हुए कदम्बुर राजू ने कहा था कि जयललिता के नेतृत्व में एआईएडीएमके ने किसी कारणवश वाजपेयी सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया था और इस ऐतिहासिक भूल के कारण बाद में डीएमके ने भाजपा का समर्थन किया और केंद्र सरकार में सत्ता साझा की, जो 14 साल तक चली। उन्होंने कहा था कि भाजपा ने डीएमके को सशक्त बनाया था। लेकिन डीएमके को इसका कोई सम्मान नहीं है।
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अपना बयान वायरल होने के बाद राजू ने 30 जुलाई को स्पष्टीकरण दिया कि निहित स्वार्थों के कारण उनके भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी ऐतिहासिक भूल शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। मेरा मतलब था कि एआईएडीएमके द्वारा भाजपा गठबंधन से समर्थन वापस लेने के परिणामस्वरूप डीएमके भाजपा के साथ जुड़ गई। वह केवल इस बात पर बोल रहे थे कि एआईएडीएमके का भाजपा के साथ गठबंधन खराब था, जबकि डीएमके का उसके साथ गठबंधन अच्छा था।