{"_id":"65617113f24d87513f083a24","slug":"after-bihar-caste-census-will-be-held-in-andhra-on-december-2023-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Andhra Pradesh: बिहार के बाद आंध्र में 9 दिसंबर को होगी जाति जनगणना, जगन सरकार के मंत्री ने कही यह बड़ी बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Andhra Pradesh: बिहार के बाद आंध्र में 9 दिसंबर को होगी जाति जनगणना, जगन सरकार के मंत्री ने कही यह बड़ी बात
Sat, 25 Nov 2023 09:29 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 25 Nov 2023 09:29 AM IST
सार
श्रीनीवास वेनूगोपाल ने कहा कि लोगों के जीवन स्तर को बदलने के लिए जातीय जनगणना करना महत्वपूर्ण है। आजादी के बाद भारत में केवल जनसंख्या जनगणना हुई है, जाति जनगणना कभी नहीं हुई है।
विज्ञापन
C Srinivasa Venugopala Krishna
- फोटो : Social Media
विस्तार
सूचना और जनसंपर्क मंत्री सी श्रीनिवास वेणुगोपाल कृष्ण जातीय जनगणना को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार नौ दिसंबर को व्यापक जाति जनगणना शुरू करेगी। मंत्री ने कहा कि जाति जनगणना को पूरा करना वाईएसआरसीपी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
श्रीनिवास वेणुगोपाल ने कहा, 'लोगों के जीवन स्तर को बदलने के लिए जातीय जनगणना करना महत्वपूर्ण है। आजादी के बाद भारत में केवल जनसंख्या जनगणना हुई है, जाति जनगणना कभी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में निष्पक्ष और व्यापक तरीके से जाति जनगणना की जाएगी।'
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश की यह जाति जनगणना पूरे देश के लिए रोल मॉडल के तौर पर साबित होगी। उन्होंने दावा किया कि इस कदम से विपक्षी दल कांप रहे हैं। शुरू में जाति जनगणना की घोषणा 139 पिछड़े वर्गों को कवर करने के लिए किया गया था, लेकिन इस बार इसमें आंध्र प्रदेश की सभी जातियां शामिल है।
विज्ञापन
श्रीनिवास वेणुगोपाल ने कहा, 'लोगों के जीवन स्तर को बदलने के लिए जातीय जनगणना करना महत्वपूर्ण है। आजादी के बाद भारत में केवल जनसंख्या जनगणना हुई है, जाति जनगणना कभी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में निष्पक्ष और व्यापक तरीके से जाति जनगणना की जाएगी।'
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश की यह जाति जनगणना पूरे देश के लिए रोल मॉडल के तौर पर साबित होगी। उन्होंने दावा किया कि इस कदम से विपक्षी दल कांप रहे हैं। शुरू में जाति जनगणना की घोषणा 139 पिछड़े वर्गों को कवर करने के लिए किया गया था, लेकिन इस बार इसमें आंध्र प्रदेश की सभी जातियां शामिल है।