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अफगान संकट: नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी बोले- बच्चे कभी भी युद्ध, हिंसा और गरीबी के लिए जिम्मेदार नहीं

Sun, 19 Sep 2021 08:30 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 19 Sep 2021 08:30 PM IST
सार

नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि बच्चे कभी भी युद्ध, विद्रोह, हिंसा और गरीबी के लिए जिम्मेदार नहीं रहे हैं, फिर भी वे हमारे द्वारा पैदा की गई समस्याओं के सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। अफगानिस्तान एक उदाहरण है।

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Afghanistan crisis, Nobel laureate Kailash Satyarthi says Children have never been responsible for wars insurgencies, violence and poverty
कैलाश सत्यार्थी - फोटो : ANI

विस्तार

अफगानिस्तान में बच्चों पर हो रहे जुल्म को लेकर नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने अपना दर्द जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि बच्चे कभी भी युद्ध, विद्रोह, हिंसा और गरीबी के लिए जिम्मेदार नहीं रहे हैं, फिर भी वे हमारे द्वारा पैदा की गई समस्याओं के सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। अफगानिस्तान एक उदाहरण है। अगर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो सबसे ज्यादा नुकसान अफगानी बच्चों को होगा। 

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हमें इस बात पर विचार करना होगा कि अफगानी बच्चे हमारे बच्चे हैं और उन बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक, त्वरित और स्थायी प्रयास किए जाने की जरूरत है। सत्तारूढ़ समूहों को शामिल किए बिना यह संभव नहीं हो सकता।
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यूनीसेफ भी जता चुका है चिंता
यूनीसेफ के अनुसार अफगानिस्तान में पांच साल से कम उम्र के दस लाख बच्चे गम्भीर कुपोषण से पीड़ित हैं जो कि जीवन के लिये खतरे वाली स्थिति है। देश में, 22 लाख लड़कियों सहित 40 लाख से अधिक बच्चे स्कूलों से बाहर हैं। 
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यूनीसेफ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि एक गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहे अफगानिस्तान के बच्चों को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता। यूनीसेफ के एक अधिकारी ने बताया कि लगभग तीन लाख बच्चे, अपने घर छोड़ कर जाने के लिये मजबूर हो गए हैं। उनमें से बहुतों ने ऐसे दृश्य देखे हैं जो किसी बच्चे को कभी नहीं देखने चाहिए। बच्चे और किशोर चिंता व भय से जूझ रहे हैं और उन्हें मानसिक स्वास्थ्य सहायता की सख्त जरूरत है।

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