कोरोना से बचाने वाला 'फेस मास्क' एक झटके में बना सकता है कोविड-19 का मरीज
कोरोना वायरस को रोकने के लिए फेस मास्क सबसे जरूरी चीज है, जिसका इस्तेमाल इस समय पूरी दुनिया कर रही है। दरअसल हम सब जानते हैं कि कोरोना वायरस की अब तक कोई भी दवा या वैक्सीन नहीं बनी है। ऐसे में बचाव ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोरोना वायरस से बचाने वाला यह फेस मास्क आपको एक झटके में कोविड-19 का मरीज बना सकता है? नहीं, तो आपको यह खबर ध्यान से पढ़नी चाहिए, क्योंकि एक शोध में पता चला है कि फेस मास्क पर कोरोना वायरस सात दिनों के बाद तक जिंदा रह सकता है।
दरअसल यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के शोधकर्ताओं की तरफ से बताया गया है कि फेस/सर्जिकल मास्क पर कोरोना वायरस एक हफ्ते से भी ज्यादा समय तक जिंदा रह सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक अनुकूल वातावरण मिलने पर यह वायरस लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। इसको लेकर शोधकर्ताओं ने कई अलग-अलग तापमान और स्थितियों में इस वायरस के व्यवहार का पता लगाया। शोधकर्ताओं के परीक्षण में पाया गया कि कमरे के तापमान पर कोरोना वायरस अलग-अलग सतहों पर अलग-अलग समय तक जिंदा रहता है। जैसे,
- टिश्यू पेपर और प्रिंटिंग पर कोरोना वायरस तीन घंटे से भी कम समय तक जिंदा रहता है।
- कपड़ों और लकड़ी पर कोरोना वायरस दूसरे दिन मर जाता है।
- ग्लास और नोट पर कोरोना वायरस चार दिन तक रहता है।
- स्टील और प्लास्टिक की सतह पर कोरोना वायरस चार से सात दिन तक रह सकता है।
- सर्जिकल मास्क पर कोरोना वायरस सात दिन या इससे ज्यादा समय तक भी जिंदा रह सकता है।
ऐसे में शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए जरूरी है कि मास्क पहने के बाद उसे न छुएं। अगर मास्क को छूना भी पड़े तो हाथ को कही और न छुएं और इसे तुरंत साबुन या सैनिटाइजर से साफ करें। शोधकर्ताओं ने बताया कि हाथ को धोने के बाद ही मुंह, चेहरे या नाक को छुएं।
शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि बाहर से लाए गए सामान को घर के अंदर लाते समय सावधानी बरतें। उनकी तरफ से बताया गया कि शॉपिंग बैग को डस्टबीन में फेंक दे। इसके अलावा अगर बैग के अंदर खराब होने वाला सामान नहीं है, तो इसे खाली करने से पहले एक दिन के लिए छोड़ दें। इससे काफी हद तक वायरस से बचा जा सकता है।