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82 साल की उम्र में महिला ने रचा इतिहास, बनीं सिक्किम की सबसे बुजुर्ग पैराग्लाइडर
Sat, 07 Nov 2020 08:11 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 07 Nov 2020 08:11 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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82 साल की उम्र ऐसी उम्र होती है, जिसमें व्यक्ति शारीरिक मेहनत वाला कोई काम करने की बात तो दूर छोटे-मोटे काम करने में भी समस्या का सामना करने लगता है। लेकिन, सिक्किम की एक महिला ने 82 साल की आयु में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसके बारे में सुनकर आप दांतों तले अंगुली दबा लेंगे।
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हम बात कर रहे हैं दुकमित लेपचा की, जो सिक्किम की सबसे अधिक आयु वाली पैराग्लाइडर बन गई हैं। राज्य के पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन ने शनिवार को यह जानकारी दी। लेपचा तीन बच्चों की दादी हैं। उन्होंने 28 अक्तूबर को आंगी मोनैस्ट्री के पास पैराग्लाइडिंग प्वॉइंट से यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था।
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दुकमित लेपचा ने इसे लेकर कहा, 'मेरे लिए यह एक शानदार अनुभव था। मैंने इसका आनंद लिया और मैं डरी हुई नहीं थी। मैं महसूस करना चाहती थी कि उड़ना कैसा लगता है।' उन्होंने आगे कहा, मेरी 17 वर्षीय पोती मुझले पहले गई थी लेकिन वह थोड़ा डरी हुई थी। हालांकि, मुझे इससे बिल्कुल डर नहीं चल रहा था।
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एसोसिएशन के सूत्रों ने बताया कि दुकमित से पहले राज्य के सबसे बुजुर्ग पैराग्लाइडर का रिकॉर्ड एक 68 वर्षीय व्यक्ति के नाम पर दर्ज था। एडवेंचर एट सिक्किम टूरिज्म एंड सिविल एविएशन विभाग के सहायक निदेशक मनोज छेत्री ने कहा कि लेपचा सिक्किम को नया एडवेंचर केंद्र बनाने के लिए लोगों को उत्साहित करेंगी।
दुकमित ने इस दौरान करीब छह मिनट तक 4500 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरी। लेपचा ने कहा कि यह पहला एडवेंचर स्पोर्ट नहीं था, जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया है और न ही यह आखिरी है। साल 2016 में उन्होंने अंडमान के तट पर स्कूबा डाइविंग भी की थी। उनकी अगली योजना साइकिलिंग को लेकर है।