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Hindi News ›   India News ›   60 Percent of black spots on national highways in India where over 28000 killings took place in road crashes in 3 years Latest News Update

जवाब: राजमार्गों पर 60 फीसदी ‘ब्लैक स्पॉट’ ठीक किए गए, यहां पिछले तीन साल में हुईं 28,000 से ज्यादा मौतें

Sun, 31 Oct 2021 09:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 31 Oct 2021 09:43 PM IST
सार

‘ब्लैक स्पॉट’ दरअसल राष्ट्रीय राजमार्गों का करीब 500 मीटर का वह हिस्सा है, जहां तीन वर्षों में पांच सड़क दुर्घटनाएं हुई हों या वहां कुल 10 लोगों की जान गई हो। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, ‘ब्लैक स्पॉट’ खंड के दायरे में वे सड़क दुर्घटनाएं आती हैं, जिनमें लोगों की मौत हुई हो या गंभीर रूप से घायल हुए हों। 

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60 Percent of black spots on national highways in India where over 28000 killings took place in road crashes in 3 years Latest News Update
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रीय राजमार्गों पर पिछले तीन साल में सड़क हादसों में 28,000 मौतों की वजह रहे 60 फीसदी ब्लैक स्पॉट (खतरनाक क्षेत्र) को ठीक कर लिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पूछे गये सवाल के जवाब में कहा है कि 2016, 2017 और 2018 में 57,329 सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार रहे इन खतरनाक क्षेत्रों को दुरुस्त करने के लिए 4,512.36 करोड़ रुपये खर्च किये गये। इन्हें ठीक करने का कार्य 2019 में शुरू किया गया।

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‘ब्लैक स्पॉट’ दरअसल राष्ट्रीय राजमार्गों का करीब 500 मीटर का वह हिस्सा है, जहां तीन वर्षों में पांच सड़क दुर्घटनाएं हुई हों या वहां कुल 10 लोगों की जान गई हो। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, ‘ब्लैक स्पॉट’ खंड के दायरे में वे सड़क दुर्घटनाएं आती हैं, जिनमें लोगों की मौत हुई हो या गंभीर रूप से घायल हुए हों। 
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नोएडा के आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता ने इस सिलसिले में एनएचएआई में एक आरटीआई अर्जी दी थी। इसके जवाब में प्राधिकरण ने कहा, 2015 से 2018 के दुर्घटना के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 3,966 ‘ब्लैक स्पॉट’ की पहचान की गई। वहीं, 2019-20 में 729 ‘ब्लैक स्पॉट’ को ठीक किया गया, जबकि 2020-21 में यह संख्या 1103 रही। 2021-22 में सितंबर 2021 तक 583 ‘ब्लैक स्पॉट’ को ठीक किया गया। 
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प्राधिकरण के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 3,996 ‘ब्लैक स्पॉट’ पर कुल 57,329 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 28,765 लोगों की मौत हुई। कुल 60.43 प्रतिशत ‘ब्लैक स्पॉट’ ठीक किए गए।


सर्वाधिक मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर
राज्यों में, सर्वाधिक मौतें तमिलनाडु में (4,408) हुईं और इसके बाद उत्तर प्रदेश (4,218) का स्थान है। आंकड़ों के मुताबिक, सर्वाधिक 496 ‘ब्लैक स्पॉट’ तमिलनाडु में हैं, जिसके बाद पश्चिम बंगाल (450), आंध्र प्रदेश (357), तेलंगाना (336) और उत्तर प्रदेश (327) का स्थान है।

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