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चिंताजनक: सात दिन में ब्लैक फंगस के 566 मरीज, सिर्फ 10 फीसदी को दवा
Mon, 31 May 2021 02:21 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 31 May 2021 02:21 AM IST
सार
- दिल्ली के अस्पतालों में कुल 800 से ज्यादा मरीजों को कराया गया भर्ती
- ब्लैक फंगस की दवा की भारी कमी से चिंता
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना वायरस का कहर कम होने लगा है, लेकिन दिल्ली में ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ने लगे हैं। पिछले सात दिन में ही 566 मरीजों में इस रोग की पुष्टि हो चुकी है। इस बीमारी के 23 से 26 मई के बीच 498 मरीज मिले, लेकिन दवा की किल्लत के कारण 10 फीसदी मरीजों को ही मिल सकी। ब्लैक फंगस से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभी कुल मामले 800 के पार हो चुके हैं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एम्फोटेरिसिन बी के लिए मारामारी हो रही है। एक दिन में इस दवा की 350 से अधिक शीशियां नहीं मिल रही, जबकि मरीजों की संख्या को देखते हुए कम से कम 3,000 शीशियों की मांग है।
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सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा के अनुसार, उनके यहां 60 से ज्यादा मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। पिछले एक सप्ताह में केस ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं। जीटीबी में 75 और लोकनायक अस्पताल में 70 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं।
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