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केरल के इस बाढ़ प्रभावित जिले में जनवरी से अब तक 5 किसानों ने की खुदकुशी
Mon, 18 Feb 2019 09:18 AM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 18 Feb 2019 09:18 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
केरल के इडुकी जिले में बीते साल नवंबर से लेकर अब तक 6 किसानों ने आत्महत्या कर ली है। इनमें से 5 किसानों ने जनवरी के बाद आत्महत्या की है। इनमें से एक एन श्रीकुमार नामक किसान की मौत इसी शनिवार को हुई है। सूत्रों का कहना है कि बाढ़ आने से इनकी फसल बर्बाद हो गई थी, जिसके चलते ये बैंक का ऋण नहीं चुका पाए, इनमें से कई को बैंक की ओर से रिकवरी नोटिस तक दिया गया था।
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वेथीकपडी में श्रीकुमार के अलावा दो और किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें कुनुमबुराथु साहेदेवान (68) ने 29 जनवरी और थन्नीकात्थपकालाइल संतोष (37) ने 2 जनवरी को आत्महत्या की। इन दोनों को ही बैंक की ओर से ऋण का भुगतान करने के लिए नोटिस आया था। श्रीकुमार अपनी फसल के बर्बाद होने से काफी दुखी थे और ऋण को लेकर परेशान थे।
जिन अन्य किसानों ने आत्महत्या की है उनमें कांजीकुझी के वेत्ति कप्पाली दिवाकरन (72) ने 14 नवंबर को आत्महत्या की। उन्हें बैंक की ओर से नोटिस मिला था। वजाथोप्पु के एनएम (58) ने 7 फरवरी और अनाविराती गांव के कोत्ताकलिल राजु (62) ने 9 फरवरी को आत्महत्या की। इन्हें भी बैंक की ओर से नोटिस मिले थे।
वेतिकुडी पंचायत के सदस्य विजयकुमार राघवन का कहना है, "बाढ़ आने के बाद खराब हुई फसल के कारण बहुत से किसानों को ऋण चुकाना मुश्किल हो रहा है। जलवायु परिवर्तन ने पिछले कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर उनकी फसलों को नष्ट कर दिया है। सरकार की मदद सभी किसानों तक नहीं पहुंच पाई है। इसके अलावा नुकसान के मुकाबले सरकार की ओर से दी जा रही सहायता भी कम है।"
अगस्त माह में बाढ़ के दौरान इडुकी जिले में कई बार भूस्खलन हुआ था। तब 59 लोगों की मौत हुई और 11,530 हेक्टेयर कृषि भूमि नष्ट हुई थी। इडुकी जिले के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एग्रीकल्चर बोस जोसेफ का कहना है, "सभी बैंकों से पैसे वसूलने की कार्यवाही को रोकने के लिए कहा गया है। आने वाले दिनों में जिले के कृषि अधिकारी उन किसानों से मुलाकात करेंगे जिन्हें रिकवरी नोटिस मिले हैं। इन किसानों की काउंसलिंग की जाएगी ताकि इन्हें ऐसा कोई बड़ा कदम उठाने से बचाया जा सके।"
उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद केंद्र सरकार से मिली 10 करोड़ रुपये की मदद को 36,882 किसानों में बांटा गया है। राज्य सरकार की ओर से इस हफ्ते 13 करोड़ रुपये की सहायता मिलने की उम्मीद है। हालांकि हम उन 4 हजार किसानों की मदद नहीं कर पाए जिनके पास अपनी प्रभावित जमीन के लिए पट्टा नहीं है।