भारी सुरक्षा के बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के लिए 48.5 फीसदी मतदान
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कड़ी पहरेदारी और चौकसी के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) छात्रसंघ के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ। कुल 48.5 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 55.3 फीसदी छात्र और 32.8 फीसदी छात्राएं शामिल हैं। मतदान के लिए सुबह आठ बजे से ही लंबी लाइन लग गई और मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय दोपहर दो बजे तक तकरीबन हर बूथ पर वोटर नजर आए। पिछली बार छात्रसंघ चुनाव के लिए 45.5 फीसदी वोट पड़े थे जबकि वर्ष 2016 में 43.5 फीसदी मतदान हुआ था। दो वर्षों से मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है और पिछले साल के मुकाबले इस बार तीन फीसदी अधिक वोट पड़े।
फर्जी वोटिंग के मामले में आधा दर्जन लोग पकड़े भी गए। इसके अलावा मतदान के दौरान कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया। मतदान को लेकर छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह दिखा। मतदान के लिए शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही केपीयूसी हॉस्टल के सामने वाले गेट पर लंबी लाइन लग गई और दोपहर दो बजे तक वोट देने के लिए छात्र-छात्राओं के आने का सिलसिला जारी रहा। आईकार्ड या फीस रसीद साथ न होने के कारण जिन छात्रों को परिसर में प्रवेश से रोका गया, उनकी सुरक्षा कर्मियों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से तीखी झड़प भी हुई।
वहां मौजूद चीफ प्रॉक्टर प्रो. एचएस उपाध्याय भी लगातार मोर्चा संभाले रहे। जो वोटर दोपहर दो बजे से पहले परिसर में प्रवेश कर चुके थे लेकिन बूथ तक पहुंचने में कुछ देरी हो गई, उन्हें मतदान की अनुमति दी गई। मतदान में कला और विधि संकाय के साथ अन्य वर्ग के विद्यार्थियों ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। सीनेट परिसर में अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान विभाग, उर्दू विभाग, प्राचीन इतिहास आदि विभागों के सामने वोटर देने के लिए छात्रों का जमावड़ा लगा रहा।
अर्थशास्त्र विभाग में बने बूथ पर हंगामा
इविवि के अर्थशास्त्र विभाग में बने बूथ पर कई बार हंगामा हुआ। दोपहर एक बजे के आसपास वहां कुछ प्रत्याशी और उनके समर्थक पहुंचे। उन्होंने वोट देने पहुंचे छात्रों को धमकाना शुरू कर दिया और अपने समर्थन में वोट देने के लिए दबाव बनाने लग। साथ ही वोट न देने पर बाद में देख लेने की धमकी भी दी। इस बीच दूसरे प्रत्याशी के समर्थक भी पहुंच गए। हंगामा बढ़ा तो पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और लाठियां पटककर विभाग के बाहर इकट्ठा भीड़ को वहां से खदेड़ा।
फर्जी मतदान की आती रहीं शिकायतें
सीनेट परिसर में मतदान के दौरान लगातार फर्जी वोटिंग की शिकायतें आती रहीं। हालांकि केपीयूसी हॉस्टल के सामने वाले गेट पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम जांच कर रही थी लेकिन कुछ छात्र टीम को चकमा देकर बूथों तक पहुंच गए और मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की। हालांकि शिकायतें आने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शरारती तत्वों को वहां से खदेड़ा।
बूथों के आसपास खुलेआम होता रहा प्रचार
इविवि परिसर के बाहर तो पुलिस फोर्स मुस्तैद नजर आई लेकिन परिसर के भीतर सुरक्षा कम दिखी। यही वजह रही कि प्रवेश द्वारा से लेकर बूथों तक अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगने वालों समर्थकों की भीड़ नजर आई। परिसर में दिनभर प्रत्याशी और उनके समर्थक जुलूस निकालते रहे, पम्फलेट उड़ाते रहे और अपने प्रत्याशियों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की।