{"_id":"5e180ef18ebc3e87984d472b","slug":"4-lakh-45-thousand-road-accidents-claimed-1-lakh-52-thousand-lives-ncrb-data","type":"story","status":"publish","title_hn":"4.45 लाख सड़क हादसों ने ले ली 1.52 लाख की जान, राष्ट्रीय राजमार्ग सबसे खतरनाक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
4.45 लाख सड़क हादसों ने ले ली 1.52 लाख की जान, राष्ट्रीय राजमार्ग सबसे खतरनाक
Fri, 10 Jan 2020 11:13 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 10 Jan 2020 11:13 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Twitter
सड़कों पर बढ़ती गाड़ियों की भीड़ के बीच हादसों की तादाद और उसमें हताहत होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 2018 में देश में 4,45,514 सड़क हादसे हुए, जिसमें 1,52,780 लोगों की मौत हो गई। गली, मोहल्ले और शहरों की सड़कों से ज्यादा खतरनाक राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलना साबित हुआ है। बृहस्पतिवार को एनसीआरबी द्वारा जारी एडीएसआई रिपोर्ट के मुताबिक 2017 की अपेक्षा 2018 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 2700 बढ़ गई।
विज्ञापन
एक साल गिरावट के बाद बढ़े आंकड़े
2017 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में करीब एक हजार की कमी आई थी। माना जा रहा था कि सख्त यातायात नियमों की वजह से ऐसा हुआ लेकिन लेकिन 2018 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.53 लाख के करीब पहुंच गया।
विज्ञापन
| वर्ष | मौत |
| 2014 | 1,41,526 |
| 2015 | 1,48,707 |
| 2016 | 1,51,801 |
| 2017 | 1,50,093 |
| 2018 | 1,52,780 |
उत्तर प्रदेश ने 22 हजार की जान गई
आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मौत के आंकड़ा भी सर्वाधिक है। एक साल में यहां 22541 की मौत हुई। वहीं, तमिलनाडु, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में कम आबादी के बावजूद सड़कों हादसों में ज्यादा मौतें सामने आईं।
विज्ञापन
| राज्य | मौत |
| उत्तर प्रदेश | 22541 |
| महाराष्ट्र | 13863 |
| तमिलनाडु | 12216 |
| हरियाणा | 5429 |
| हिमाचल प्रदेश | 1077 |
| जम्मू-कश्मीर | 986 |
| पंजाब | 4738 |
| दिल्ली | 1734 |
| उत्तराखंड | 1073 |
| चंडीगढ़ | 101 |
| देश में कुल | 152780 |