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Tirupati Row: तिरुमाला में चार घंटे चला अनुष्ठानिक शुद्धिकरण; लड्डू में चर्बी के आरोपों के बाद से मचा है बवाल
Mon, 23 Sep 2024 10:42 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 23 Sep 2024 10:42 AM IST
सार
मंदिर सूत्रों ने सोमवार को बताया कि वाईएसआरसीपी शासन के दौरान तिरुमाला मंदिर में हुए कथित अपवित्र काम को सुधारने के लिए चार घंटे का होने वाला शांति होमं पंचगव्य प्रोक्षणा (अनुष्ठानात्मक शुद्धिकरण) चल रहा है।
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तिरुपति मंदिर के प्रसाद को लेकर हुआ विवाद
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तिरुपति बालाजी मंदिर हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। हालिया एक लैब रिपोर्ट से पता चला था कि मंदिर का प्रसाद बनाने में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल होता है। यह जानकारी सामने आने के बाद लगातार विवाद बना हुआ है। अब मंदिर को फिर से पवित्र करने के लिए अनुष्ठानिक शुद्धिकरण किया जा रहा है।
इतने बजे शुरू हुई पूजा
मंदिर सूत्रों ने सोमवार को बताया कि वाईएसआरसीपी शासन के दौरान तिरुमाला मंदिर में हुए कथित अपवित्र काम को सुधारने के लिए चार घंटे का होने वाला शांति होमं पंचगव्य प्रोक्षणा (अनुष्ठानात्मक शुद्धिकरण) चल रहा है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की। बताया कि यह अनुष्ठान सुबह छह बजे शुरू हुआ और सुबह 10 बजे तक चला। इसका उद्देश्य भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को खुश करना है।
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टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने रविवार को कहा कि ये अनुष्ठान श्रीवारी भक्तों की भलाई के साथ-साथ लड्डू प्रसादम की पवित्रता को बहाल करेंगे।
कैसे हुआ लड्डू में मिलावट का खुलासा
आंध्र में जून में सत्ता परिवर्तन हुआ था। जिसके बाद चंद्रबाबू नायडू की पार्टी सत्ता में वापस आई है। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने मंदिर के लड्डुओं में मिलावट की आशंका जाहिर की थी। जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने सप्लाई किए गए घी के सैंपल लेकर जांच के लिए गुजरात स्थित डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की लैब 'सेंटर ऑफ एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड' (CALF) भेजे थे। जिसके बाद लैब की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
एनडीडीबी लैब की रिपोर्ट से पता चला कि शुद्ध घी में शुद्ध दूध में वसा की मात्रा 95.68 से लेकर 104.32 तक होना चाहिए था। लेकिन सैंपल्स में मिल्क फैट की वेल्यू 20 ही पाई गई थी। जिससे इस मिलावटी घी के बारे में खुलासा हुआ। जिसके बाद बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ। लैब की रिपोर्ट के मुताबिक इन सैंपल में सोयाबीन, सूरजमुखी, जैतून का तेल, गेंहू, मक्का, कॉटन सीड, मछली का तेल, नारियल, पाम ऑयल, बीफ टैलो, लार्ड जैसे तत्व पाए गए हैं। इस घी को चेन्नई की AR डेयरी एंड एग्रो प्रोडक्ट्स नाम की कंपनी ने सप्लाई किया था।
कंपनी को सरकार की ओर से बैन कर दिया गया है। हालांकि कंपनी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि, जून-जुलाई में जो घी हमने भेजा था। उसका सैम्पल टेस्ट एफएसएसएआई और एगमार्क ने कलेक्ट किया था। टीटीडी की लैब में भी हमारा सैंपल पास हुआ था। मेरे घी में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं है।
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इतने बजे शुरू हुई पूजा
मंदिर सूत्रों ने सोमवार को बताया कि वाईएसआरसीपी शासन के दौरान तिरुमाला मंदिर में हुए कथित अपवित्र काम को सुधारने के लिए चार घंटे का होने वाला शांति होमं पंचगव्य प्रोक्षणा (अनुष्ठानात्मक शुद्धिकरण) चल रहा है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की। बताया कि यह अनुष्ठान सुबह छह बजे शुरू हुआ और सुबह 10 बजे तक चला। इसका उद्देश्य भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को खुश करना है।
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#WATCH | Andhra Pradesh | A 'purification' ritual, Shanti Homam was performed as per the tenets of Vaikhanasa Agama in the Yagashala of Tirumala temple today in wake of Laddu Prasadam row. pic.twitter.com/9atHj7mXqD
— ANI (@ANI) September 23, 2024
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टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने रविवार को कहा कि ये अनुष्ठान श्रीवारी भक्तों की भलाई के साथ-साथ लड्डू प्रसादम की पवित्रता को बहाल करेंगे।
कैसे हुआ लड्डू में मिलावट का खुलासा
आंध्र में जून में सत्ता परिवर्तन हुआ था। जिसके बाद चंद्रबाबू नायडू की पार्टी सत्ता में वापस आई है। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने मंदिर के लड्डुओं में मिलावट की आशंका जाहिर की थी। जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने सप्लाई किए गए घी के सैंपल लेकर जांच के लिए गुजरात स्थित डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की लैब 'सेंटर ऑफ एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड' (CALF) भेजे थे। जिसके बाद लैब की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
एनडीडीबी लैब की रिपोर्ट से पता चला कि शुद्ध घी में शुद्ध दूध में वसा की मात्रा 95.68 से लेकर 104.32 तक होना चाहिए था। लेकिन सैंपल्स में मिल्क फैट की वेल्यू 20 ही पाई गई थी। जिससे इस मिलावटी घी के बारे में खुलासा हुआ। जिसके बाद बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ। लैब की रिपोर्ट के मुताबिक इन सैंपल में सोयाबीन, सूरजमुखी, जैतून का तेल, गेंहू, मक्का, कॉटन सीड, मछली का तेल, नारियल, पाम ऑयल, बीफ टैलो, लार्ड जैसे तत्व पाए गए हैं। इस घी को चेन्नई की AR डेयरी एंड एग्रो प्रोडक्ट्स नाम की कंपनी ने सप्लाई किया था।
कंपनी को सरकार की ओर से बैन कर दिया गया है। हालांकि कंपनी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि, जून-जुलाई में जो घी हमने भेजा था। उसका सैम्पल टेस्ट एफएसएसएआई और एगमार्क ने कलेक्ट किया था। टीटीडी की लैब में भी हमारा सैंपल पास हुआ था। मेरे घी में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं है।