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रेल दुर्घटनाओं से अकेले उत्तर भारत में ही बीते सात वर्षों में हुई 226 की मौत
डिजिटल ब्यूरो / नई दिल्ली
Updated Wed, 29 Nov 2017 07:41 PM IST
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सुखद-सुनहरा सफर का वायदा करने वाली भारतीय रेल की छवि मौत की ट्रेन के रूप में बनते जा रही है। बीते 7 वर्षों में अकेले उत्तर भारत में ही 114 रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें 226 लोगों की मौत हुई और 365 लोग घायल हुए।
उत्तर रेलवे के जरिए सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2010 से अब तक कुल 114 ट्रेन दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 110 मामलों में जांच समिति की जांच पूरी हो गई है, जबकि 4 मामलों में जांच की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। इन रेल दुर्घटनाओं से रेलवे को 27.2 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचने का अनुमान बताया गया है।
पढ़ें- ट्रेन की लेटलतीफी : अगर कहीं जाने का प्लान बना रहें हैं तो जरूर लें ये जानकारी
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खतौली की दुर्घटना में हुए सबसे ज्यादा हताहत
एक आरटीआई के जवाब में उत्तर रेलवे ने कहा है कि सबसे ज्यादा हताहत 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना में हुए। इस दुर्घटना में उत्कल एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसकी वजह से 25 लोगों की मौत हुई और 105 घायल हुए थे। इस मामले में जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। 20 मार्च 2015 को देहरादून वाराणसी एक्सप्रेस के रायबरेली के बछरावां स्टेशन के पास पटरी से उतरने से 39 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 38 लोग घायल हुए थे।
सुरक्षा पर नए रेल मंत्री का है जोर
रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सबसे ज्यादा जोर रेलवे की सुरक्षा पर दिया है। रेल दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने के प्रयास में उन्होंने सभी 17 जोनल अधिकारियों की बीते माह अहम बैठक ली थी। सिग्नलिंग व्यवस्था में तकनीकी के इस्तेमाल पर जोर के साथ उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा खर्च के लिए धन की कमी नहीं होगी। सभी क्षेत्रीय जीएम अधिकारियों को गोयल ने सुरक्षा के उपायों पर होने वाले खर्च के लिए अधिकार प्रदान किए हैं, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों में देरी न हों।
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उत्तर रेलवे के जरिए सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2010 से अब तक कुल 114 ट्रेन दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 110 मामलों में जांच समिति की जांच पूरी हो गई है, जबकि 4 मामलों में जांच की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। इन रेल दुर्घटनाओं से रेलवे को 27.2 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचने का अनुमान बताया गया है।
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खतौली की दुर्घटना में हुए सबसे ज्यादा हताहत
एक आरटीआई के जवाब में उत्तर रेलवे ने कहा है कि सबसे ज्यादा हताहत 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना में हुए। इस दुर्घटना में उत्कल एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसकी वजह से 25 लोगों की मौत हुई और 105 घायल हुए थे। इस मामले में जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। 20 मार्च 2015 को देहरादून वाराणसी एक्सप्रेस के रायबरेली के बछरावां स्टेशन के पास पटरी से उतरने से 39 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 38 लोग घायल हुए थे।
सुरक्षा पर नए रेल मंत्री का है जोर
रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सबसे ज्यादा जोर रेलवे की सुरक्षा पर दिया है। रेल दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने के प्रयास में उन्होंने सभी 17 जोनल अधिकारियों की बीते माह अहम बैठक ली थी। सिग्नलिंग व्यवस्था में तकनीकी के इस्तेमाल पर जोर के साथ उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा खर्च के लिए धन की कमी नहीं होगी। सभी क्षेत्रीय जीएम अधिकारियों को गोयल ने सुरक्षा के उपायों पर होने वाले खर्च के लिए अधिकार प्रदान किए हैं, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों में देरी न हों।