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Maharashtra Murder Case: 18 साल बाद राजनेता के बेटे की हत्या के मामले में तीन को आजीवन कारावास; 10 बरी
Thu, 07 Aug 2025 04:29 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 07 Aug 2025 04:29 PM IST
सार
कल्याण अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीआर अष्टुरकर ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित कर दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शिवसेना पदाधिकारी महेश पाटिल सहित 10 अन्य के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं। इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने गुरुवार को 18 साल पहले एक स्थानीय राकांपा (शरद गुट) पदाधिकारी के बेटे की हत्या के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने 10 अन्य को बरी कर दिया।
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कल्याण अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीआर अष्टुरकर ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित कर दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शिवसेना पदाधिकारी महेश पाटिल सहित 10 अन्य के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं। इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि 10 अप्रैल, 2007 को आरोपियों ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण क्षेत्र के गोलावली स्थित ग्राम पंचायत कार्यालय के अंदर स्थानीय नेता वंदर पाटिल के बेटे विजय पाटिल पर गोलियां चलाईं और उनकी हत्या कर दी। हमले में एक व्यक्ति घायल भी हुआ। इसके बाद मानपाड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
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अतिरिक्त सरकारी अभियोजक बामरे पाटिल और सचिन कुलकर्णी ने अदालत से आरोपियों को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया। कोर्ट ने विजय बकाने, सुनील भोईर और साजिद शेख को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की सहायता करने वाले अदालती कांस्टेबल एआर गोगरकर ने बताया कि आरोपों को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष के 24 गवाहों से पूछताछ की गई।