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GST Update: सॉफ्टी आइसक्रीम पर देना होगा 18% जीएसटी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उलट AAR ने दिया तर्क
Tue, 22 Oct 2024 06:39 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 22 Oct 2024 06:39 AM IST
सार
GST Update: अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (एएआर) की राजस्थान पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उलट तर्क देते हुए सॉफ्टी आईसक्रीम पर 18% जीएसटी दर बढ़ाने का फैसला लिया है।
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जीएसटी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
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आईसक्रीम लवर लोगों के लिए अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (एएआर) की राजस्थान पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उलट तर्क देते हुए सॉफ्टी आईसक्रीम पर 18% जीएसटी दर बढ़ाने का फैसला लिया है। जिसको लेकर एएआर ने तर्क दिया है कि वनीला स्वाद में तैयार सॉफ्टी आइसक्रीम मिक्स डेयरी उत्पाद नहीं है और उस पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा।
वहीं इस मामले में वीआरबी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लि. ने पाउडर के रूप में वनीला मिश्रण पर जीएसटी को लेकर एएआर से संपर्क किया था, जिसके बाद उत्पाद के बारे में कहा था कि इसमें 61.2 फीसदी चीनी, 34 फीसदी दूध के ठोस पदार्थ (स्किम्ड मिल्क पाउडर), स्वाद बढ़ाने वाले उत्पाद और नमक सहित 4.8 फीसदी अन्य सामग्री शामिल है।
एएआर ने पाया कि मुलायम व मलाईदार उत्पाद बनाने में प्रत्येक कच्चे माल की विशिष्ट भूमिका होती है। इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण है कि न सिर्फ उत्पाद की सामग्री बल्कि सॉफ्ट सर्व यानी आइसक्रीम बनाने की मशीन में किए गए प्रसंस्करण को भी चिकनी व मलाईदार बनावट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उलट निर्णय
जानकारी के अनुसार एकेएम ग्लोबल के कर भागीदार संदीप सहगल ने कहा कि यह फैसला अमृत फूड्स मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उलट है। उस मामले में शीर्ष कोर्ट ने संस्थागत बिक्री के लिए ‘मिल्क शेक मिक्स’ और सॉफ्ट सर्व मिक्स को डेयरी उत्पाद के रूप में वर्गीकृत किया था।
वहीं इस मामले में वीआरबी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लि. ने पाउडर के रूप में वनीला मिश्रण पर जीएसटी को लेकर एएआर से संपर्क किया था, जिसके बाद उत्पाद के बारे में कहा था कि इसमें 61.2 फीसदी चीनी, 34 फीसदी दूध के ठोस पदार्थ (स्किम्ड मिल्क पाउडर), स्वाद बढ़ाने वाले उत्पाद और नमक सहित 4.8 फीसदी अन्य सामग्री शामिल है।
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एएआर ने पाया कि मुलायम व मलाईदार उत्पाद बनाने में प्रत्येक कच्चे माल की विशिष्ट भूमिका होती है। इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण है कि न सिर्फ उत्पाद की सामग्री बल्कि सॉफ्ट सर्व यानी आइसक्रीम बनाने की मशीन में किए गए प्रसंस्करण को भी चिकनी व मलाईदार बनावट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उलट निर्णय
जानकारी के अनुसार एकेएम ग्लोबल के कर भागीदार संदीप सहगल ने कहा कि यह फैसला अमृत फूड्स मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उलट है। उस मामले में शीर्ष कोर्ट ने संस्थागत बिक्री के लिए ‘मिल्क शेक मिक्स’ और सॉफ्ट सर्व मिक्स को डेयरी उत्पाद के रूप में वर्गीकृत किया था।