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सरदार सरोवर बांध के पानी से डूब रहे 176 गांवों पर बोला सुप्रीम कोर्ट, 30 सितंबर तक फैसला ले कमेटी
Fri, 27 Sep 2019 08:25 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 27 Sep 2019 08:25 PM IST
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सरदार सरोवर बांध (फाइल फोटो)
- फोटो : Sardarsarovardam.org
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महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान में आई बाढ़ पहले ही चिंता का कारण बनी हुई है, सरदार सरोवर बांध के पानी के कारण भी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानकारी के मुताबिक लगभग 176 गांवों में बांध के पानी के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई गांव द्वीप जैसे बन गए हैं और लोगों के संपर्क टूट गए हैं। इसके कारण सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लोगों की अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा है कि इस मामले पर बनी कमेटी 30 सितंबर तक उचित फैसला ले। मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को रखी गई है।
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मामले पर गठित हाईलेवल कमेटी में गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल हैं। इस कमेटी की अध्यक्षता केंद्र सरकार का जल मंत्रालय करता है। इस कमेटी को विस्थापितों, बाढ़ क्षेत्र और लोगों के पुनर्स्थापन से संबंधित फैसले निर्णय लेने हैं। बांध का निर्माण 2017 में पूरा हुआ था। इस समय पानी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बावजूद केंद्र ने बांध का गेट खोलने से कथित तौर पर इनकार कर दिया है।
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इस मामले में गुजरात सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाना चाहता है, जबकि मध्यप्रदेश इसका विरोध कर रहा है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अभी बाढ़ क्षेत्र में आने वाले सभी लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित नहीं किया जा सका है। जबकि कोर्ट के आदेश पर 31 जुलाई 2017 तक प्रभावित गांव के लोगों का विस्थापन पूरा हो जाना चाहिए था।
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पिछले वर्ष 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर बांध को जनता को लोकार्पित करते हुए अपना जन्मदिन मनाया था। वे इस वर्ष भी यहां पहुंचे और जनता का ध्यान अपनी तरफ खींचा। सरदार सरोवर डैम का काम पूरा करना उनके एक लक्ष्यों में से एक माना जाता है। हालांकि, इस दौरान बाढ़ प्रभावितों के बारे में कोई बात न करने के कारण विपक्ष ने उनकी आलोचना भी की थी।