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केंद्र में 174 अंडर सेक्रेटरी को मिली ऐसी प्रमोशन, जो 'न उगली ही जाए, न निगली ही जाए'
Mon, 14 Dec 2020 01:04 AM IST
दीप्ति मिश्रा
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Mon, 14 Dec 2020 01:04 AM IST
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प्रमोशन
- फोटो : amar ujala
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केंद्र सरकार में 174 अंडर सेक्रेटरी ऐसे हैं, जिन्हें डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पदोन्नत किया जा रहा है, लेकिन वे खुश नहीं हैं। राष्ट्रपति ने इन अफसरों की पदोन्नति से संबंधित फाइल को मंजूरी दे दी है। अब इन अफसरों को नए पद के अनुसार, बढ़ी हुई सेलरी और भत्ते मिलेंगे, लेकिन इसके बावजूद वे इस प्रमोशन से खुश नहीं हैं। यह पदोन्नति उनके गले में 'न उगली ही जाए, न निगली ही जाए' मुहावरे की तर्ज पर अटक गई है।
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दरअसल, इन सब अधिकारियों को नियमित प्रमोशन न देकर एडहॉक प्रमोशन दी जा रही है। इसकी अवधि भी कोई ज्यादा लंबी नहीं है। अगले साल 30 जून तक यह प्रमोशन मिलेगी। इस बीच उस पद पर नियमित दावेदार आ जाता है, तो प्रमोशन प्राप्त अधिकारी को पहले वाले पद पर आना होगा।
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डीओपीटी के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत 174 अंडर सेक्रेटरी को सिलेक्शन ग्रेड (डिप्टी सेक्रेटरी) के पद पर पदोन्नत किया जा रहा है, उन्हें पे मेट्रिक्स लेवल 12 (78800-209200) के अंतर्गत वेतन भत्ते मिलेंगे। यदि कोई अंडर सेक्रेटरी प्रतिनियुक्ति पर है, तो उसे तीस दिन के भीतर अपने मूल कैडर में पहुंचना होगा। वह डिप्टी सेक्रेटरी के पद ज्वाइन करना चाहता है या नहीं, उसे ईमेल के जरिए अपनी इच्छा व्यक्त करनी होगी। सरकार, एडहॉक प्रमोशन वाले अफसरों को किसी भी समय पहले वाले पद पर रिवर्ट कर सकती है।
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आदेश में कहा गया है कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस विचाराधीन है। यदि छह माह के दौरान अदालत का फैसला आ जाता है और वह इस प्रमोशन के पक्ष में नहीं होता, तो एडहॉक प्रमोशन वाले अफसर दोबारा से अंडर सेक्रेटरी बन जाएंगे।
अभी जो पदोन्नति दी जा रही है, उसके तहत अधिकारियों का तबादला किसी दूसरी जगह पर नहीं होगा। वे मौजूदा सीट पर ही काम करते रहेंगे, लेकिन उनका पद नाम बदल कर डिप्टी सेक्रेटरी हो जाएगा। बाद में पोस्टिंग आदेश जारी हो सकते हैं। यदि किसी जगह पर डिप्टी सेक्रेटरी का पद ही नहीं है और वहां कार्यरत अंडर सेक्रेटरी रिटायरमेंट के करीब है, तो वहां एडहॉक प्रमोशन लेने वाले अंडर सेक्रेटरी को निजी क्षमता में वह पद ग्रहण करना होगा। यानी रिटायरमेंट तक अंडर सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत वह अधिकारी खुद को डिप्टी सेक्रेटरी मानकर काम कर सकता है। वह अपने नाम के साथ में डिप्टी सेक्रेटरी लगा सकता है। हालांकि, कार्य अंडर सेक्रेटरी का ही करता रहेगा।
खास बात है कि डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर प्रमोशन लेने वाले अधिकारियों की वरिष्ठता सूची में कोई बदलाव नहीं होगा। बता दें कि 174 अधिकारियों में से 22 प्रतिनियुक्ति पर हैं। वे ईमेल से यह सूचना दे सकते हैं कि उन्हें डिप्टी सेक्रेटरी का एडहॉक पद चाहिए या नहीं। विजिलेंस क्लीयरेंस सहित दूसरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी अधिकारियों को डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पदोन्नत कर दिया जाएगा।