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Vimal Negi Death Case: विमल नेगी मामले की सीबीआई ही करेगी जांच, गांधी की याचिका पर सरकार व डीजीपी को नोटिस

Thu, 05 Jun 2025 09:15 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 05 Jun 2025 09:15 PM IST
सार

Vimal Negi Death Case: हिमाचल हाईकोर्ट ने विमल नेगी मामले में एकल जज के फैसले को आंशिक तौर पर स्वीकार करते हुए सीबीआई को जांच सौंपने का फैसला बरकरार रखा है। पढ़ें पूरी खबर...

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Vimal Negi Death Case CBI will investigate Vimal Negi case notice to government and DGP on Gandhi petition
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल हाईकोर्ट ने छुट्टी पर भेजे शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी की ओर से व्यक्तिगत तौर पर दायर अपील याचिका पर सरकार, डीजीपी समेत अन्य को नोटिस जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने एकल जज के फैसले को आंशिक तौर पर स्वीकार करते हुए सीबीआई को जांच सौंपने का फैसला बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

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याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि एकल जज के फैसले की वजह से एसपी गांधी की व्यक्तिगत छवि और एसआईटी की विश्वसनीयता को आघात पहुंचा है। इसे लेकर ही एलपीए दायर की गई है। सरकार ने उन्हें अपील दायर करने के लिए एनओसी दिया है। उन्हें इस बात पर आपत्ति नहीं है कि एकल जज ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। एसआईटी तो खुद परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रयास कर रही थी। उन्होंने अदालत से सिर्फ इतनी मांग की है कि डीजीपी ने जो हलफनामा एकल न्यायाधीश के समक्ष दायर किया है, उसका जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
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याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि विमल नेगी के गुमशुदा होने पर डीजीपी की ओर से एक एसआईटी गठित की थी, लेकिन जब नेगी का शव मिला, तब परिवार वालों ने शव सड़क पर रखकर न्यू शिमला पुलिस थाने के बाहर प्रर्दशन किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी गांधी ने एसआईटी गठित की। एसआईटी में विशेषज्ञ अधिकारी शामिल किए गए। उनकी ओर से गठित एसआईटी ने डीजीपी की ओर से गठित पहली एसआईटी में शामिल एएसआई पंकज कुमार से पैन ड्राइव बरामद की, लेकिन कोर्ट में एसआईटी की कार्यशैली को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। डीजीपी की ओर से गठित एसआईटी के सदस्य एसएचओ धर्म सेन नेगी ने एएसआई पंकज को बिलासपुर भेजा था।
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मीणा की अग्रिम जमानत 16 जुलाई तक बढ़ी
हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले में पावर कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा की अग्रिम जमानत 16 जुलाई तक बढ़ा दी है। याचिकाकर्ता मीणा के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सीबीआई को पार्टी बनाने के लिए अर्जी दायर की गई है। सीबीआई को जांच सौंपने के बाद सरकार अब बहस नहीं करेगी। सीबीआई मामले में अब पार्टी बन गई है, लेकिन याचिकाकर्ता ने अभी तक अपनी मेमो ऑफ पार्टी में बदलाव नहीं किया है। इसी वजह से सीबीआई अपना पक्ष नहीं रख सकी। अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मीणा व्यक्तिगत तौर पर मौजूद रहे।
 
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