{"_id":"6798cf7b33ba1b34f3081899","slug":"yoga-being-formed-on-mauni-amavasya-after-144-years-una-news-c-93-1-ssml1048-144487-2025-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: मौनी अमावस्या पर 144 साल बाद बन रहा योग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: मौनी अमावस्या पर 144 साल बाद बन रहा योग
विज्ञापन
संगम एवं गंगा स्नान से मिलेगा महापुण्य, आज होगा पवित्र स्नान
सुबह 5:30 बजे से सुबह 9:50 तक है मुहूर्त
वस्त्र, फल, दक्षिणा दान का महात्म्य, अनंत कोटि मिलता है फल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। माघ माह की अमावस्या तिथि बुधवार को मौनी अमावस्या के रूप में मनाई जाएगी। इस साल मौनी अमावस्या पर 144 साल बाद योग बन रहा है। वहीं, प्रयागराज में भी मौनी अमावस्या पर शाही स्नान होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार संगम अथवा गंगा स्नान करने से महापुण्य की प्राप्ति होती है। तीर्थों में जाकर पवित्र स्नान करने का भी महात्म्य है। शीतला माता मंदिर के पुजारी पंडित जयदेव तिवारी ने बताया कि उदया तिथि के अनुसार बुधवार को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी। मौनी अमावस्या पर स्नान शुभ मुहूर्त सुबह 5:30 बजे से सुबह 9:50 बजे तक रहेगा। 144 साल बाद योग बन रहा है। इस दिन महाकुंभ में स्नान करने का विशेष महात्म्य है। वहीं, गंगा नदी में पवित्र स्नान कर पूजा-पाठ, दान और सत्कर्म करना चाहिए। मौनी अमावस्या पर वस्त्र दान, फल दान, दक्षिणा दान करने से अनंत कोटि फल प्राप्त होता है। सामर्थ्य के अनुसार भूमि और स्वर्ण दान भी कर सकते हैं। इस दिन मौन व्रत रखकर सारे दिन भगवान नारायण का स्मरण करना चाहिए। ऐसा करने वाले प्राणी को पूरे वर्ष के व्रतों का फल प्राप्त हो जाता है। सतयुग में जो पुण्य तपस्या से, द्वापर में प्रभु भक्ति से और त्रेता में ज्ञान से फल प्राप्त होता है वह कलियुग में केवल दान से प्राप्त हो जाता है।
विज्ञापन
सुबह 5:30 बजे से सुबह 9:50 तक है मुहूर्त
वस्त्र, फल, दक्षिणा दान का महात्म्य, अनंत कोटि मिलता है फल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। माघ माह की अमावस्या तिथि बुधवार को मौनी अमावस्या के रूप में मनाई जाएगी। इस साल मौनी अमावस्या पर 144 साल बाद योग बन रहा है। वहीं, प्रयागराज में भी मौनी अमावस्या पर शाही स्नान होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार संगम अथवा गंगा स्नान करने से महापुण्य की प्राप्ति होती है। तीर्थों में जाकर पवित्र स्नान करने का भी महात्म्य है। शीतला माता मंदिर के पुजारी पंडित जयदेव तिवारी ने बताया कि उदया तिथि के अनुसार बुधवार को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी। मौनी अमावस्या पर स्नान शुभ मुहूर्त सुबह 5:30 बजे से सुबह 9:50 बजे तक रहेगा। 144 साल बाद योग बन रहा है। इस दिन महाकुंभ में स्नान करने का विशेष महात्म्य है। वहीं, गंगा नदी में पवित्र स्नान कर पूजा-पाठ, दान और सत्कर्म करना चाहिए। मौनी अमावस्या पर वस्त्र दान, फल दान, दक्षिणा दान करने से अनंत कोटि फल प्राप्त होता है। सामर्थ्य के अनुसार भूमि और स्वर्ण दान भी कर सकते हैं। इस दिन मौन व्रत रखकर सारे दिन भगवान नारायण का स्मरण करना चाहिए। ऐसा करने वाले प्राणी को पूरे वर्ष के व्रतों का फल प्राप्त हो जाता है। सतयुग में जो पुण्य तपस्या से, द्वापर में प्रभु भक्ति से और त्रेता में ज्ञान से फल प्राप्त होता है वह कलियुग में केवल दान से प्राप्त हो जाता है।