{"_id":"67b0834369a1e59521090308","slug":"written-outside-opd-doctor-retired-six-months-ago-una-news-c-93-1-ssml1048-146185-2025-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: ओपीडी के बाहर लिखा- डॉक्टर छह माह पहले रिटायर्ड हो चुके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: ओपीडी के बाहर लिखा- डॉक्टर छह माह पहले रिटायर्ड हो चुके
विज्ञापन
पीएचसी चुरुडू में दंत चिकित्सक का पद छह माह से खाली
10 से 15 गांवों के लोग निजी चिकित्सकों के पास इलाज करवाने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना )। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुडू में पिछले छह महीने से दंत चिकित्सक का पद खाली होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। जब यहां लोग पहुंचते हैं तो उन्हें पता चलता है कि दांत के डॉक्टर छह माह पहले रिटायर्ड हो चुके हैं। उनकी जगह अभी तक कोई डॉक्टर नहीं आया। मजबूरी में लोगों को निजी डॉक्टर के पास जाकर मोटी रकम खर्च कर अपना इलाज करवाना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुड़ू पर 10 से 15 गांवों को लोग निर्भर हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण धरातल की स्थिति कुछ और ही है। केंद्र में तैनात अधिकारियों ने अपनी जान छुड़वाने के लिए दरवाजे पर लिखकर ही लगा दिया कि डॉक्टर साहब रिटायर हो चुके हैं। जबकि, यह समस्या का हल नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अन्य सुविधाओं की बात करें तो यहां पर 10 साल से पड़ी एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। किसी ने उसके संचालन की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर कोई डॉक्टर यहां पर मौजूद होते हैं तो भी एक्स-रे करवाने के लिए ऊना या अंब का ही रुख करना पड़ता है। इस एक्स-रे मशीन का कोई फायदा नहीं मिल रहा। इस संदर्भ में खंड चिकित्सा अधिकारी राजीव गर्ग ने बताया कि यह सही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुड़ू में दंत चिकित्सक के कमरे के बाहर साइन बोर्ड लगाया है। इसका मकसद लोगों को परेशानी से बचाना है। जब नए डॉक्टर आ जाएंगे तो बोर्ड हटा दिया जाएगा।
बॉक्स
जहां चिकित्सक तैनात, वहां सामग्री नहीं
चुरुड़ू से पांच किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धुसाड़ा में डॉक्टर साहब तो हैं, लेकिन उनके पास इलाज करने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है। दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुडू में सामान धूल फांक रहा है। सीएचसी धुसाड़ा में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विकास का कहना है कि हम हर महीने डिमांड करते हैं। प्रयास रहता है कि यहां पर सामान मुहैया करवाया जा सके। इससे मरीजों को उचित उपचार मिल पाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना संजीव वर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
10 से 15 गांवों के लोग निजी चिकित्सकों के पास इलाज करवाने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना )। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुडू में पिछले छह महीने से दंत चिकित्सक का पद खाली होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। जब यहां लोग पहुंचते हैं तो उन्हें पता चलता है कि दांत के डॉक्टर छह माह पहले रिटायर्ड हो चुके हैं। उनकी जगह अभी तक कोई डॉक्टर नहीं आया। मजबूरी में लोगों को निजी डॉक्टर के पास जाकर मोटी रकम खर्च कर अपना इलाज करवाना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुड़ू पर 10 से 15 गांवों को लोग निर्भर हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण धरातल की स्थिति कुछ और ही है। केंद्र में तैनात अधिकारियों ने अपनी जान छुड़वाने के लिए दरवाजे पर लिखकर ही लगा दिया कि डॉक्टर साहब रिटायर हो चुके हैं। जबकि, यह समस्या का हल नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अन्य सुविधाओं की बात करें तो यहां पर 10 साल से पड़ी एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। किसी ने उसके संचालन की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर कोई डॉक्टर यहां पर मौजूद होते हैं तो भी एक्स-रे करवाने के लिए ऊना या अंब का ही रुख करना पड़ता है। इस एक्स-रे मशीन का कोई फायदा नहीं मिल रहा। इस संदर्भ में खंड चिकित्सा अधिकारी राजीव गर्ग ने बताया कि यह सही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुड़ू में दंत चिकित्सक के कमरे के बाहर साइन बोर्ड लगाया है। इसका मकसद लोगों को परेशानी से बचाना है। जब नए डॉक्टर आ जाएंगे तो बोर्ड हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन
बॉक्स
जहां चिकित्सक तैनात, वहां सामग्री नहीं
चुरुड़ू से पांच किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धुसाड़ा में डॉक्टर साहब तो हैं, लेकिन उनके पास इलाज करने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है। दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुरुडू में सामान धूल फांक रहा है। सीएचसी धुसाड़ा में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विकास का कहना है कि हम हर महीने डिमांड करते हैं। प्रयास रहता है कि यहां पर सामान मुहैया करवाया जा सके। इससे मरीजों को उचित उपचार मिल पाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना संजीव वर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन