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गंदा पानी पीने से आधा दर्जन लोग बीमार
ब्यूरो/ अमर उजाला, ऊना
Updated Sat, 06 Feb 2016 07:24 PM IST
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भरवाईं (ऊना)। क्षेत्र के निकटवर्ती गांव चलाली के वार्ड नंबर एक की पारली बेहड़ बस्ती के आधा दर्जन लोग हैंडपंप का गंदा पानी पीने से बीमार हो गए हैं। दूषित पानी पीने से किसी का पेट खराब हो गया है तो किसी का गला खराब हो गया है। गांव में पिछले बीस दिन से लोगों के घरों में लगे नलों में पीने के पानी की सप्लाई ठप पड़ी हुई हैं, इसलिए लोग हैंडपंप से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
पेयजल को लेकर शनिवार को गांव के लोगों ने आईपीएच विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। गांव के लोगों में 55 वर्षीय महिला संतोष देवी, 80 वर्षीय राम प्यारी, तृप्ता देवी, चंचला देवी, मेला राम, आशु, विजय, राजेंद्र पाल, रामकृष्ण शर्मा, विनय, विकास, एवं प्रदीप सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले 20 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। इसके चलते लोगों को मजबूरन हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है। इसमें से पानी निकालने के लिए महिलाओं और बुजुर्गों को काफी जोर लगाना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि वार्ड नंबर एक की पारली बेहड़ बस्ती में हैंडपंप का गंदा पानी पीने से आधा दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं।
बीमार लोग दवाइयां खाकर अपना इलाज करवा रहे हैं। आईपीएच विभाग को पेयजल व्यवस्था को लेकर कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन विभाग आंखें मूंद कर सोया हुआ है, जिससे लोगों को मजबूरन समीपवर्ती हैंडपंप से गंदा पानी पीने को मिल रहा है। इसके चलते कई लोगों के गले खराब हो चुके हैं। पीलिया को लेकर समूचे प्रदेश में हाई अलर्ट चल रहा है, गंदा पानी पीकर राजधानी शिमला में कई लोग बीमार होकर इसकी चपेट में आ चुके हैं। बावजूद इसके, चलाली गांव में आईपीएच विभाग सतर्क नजर नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि शीघ्र विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सहायक अभियंता के कार्यालय में सोमवार को धरना प्रदर्शन करेंगे। उधर, इस बारे में सब डिवीजन सुनहेत के एसडीओ प्रीतम चंद ने गंदे पानी के संबंध में कोई भी शिकायत मिलने से इनकार किया है। उनका कहना है कि हैंडपंप के पानी को टेस्ट के लिए लैब भेजा जाएगा।
पेयजल को लेकर शनिवार को गांव के लोगों ने आईपीएच विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। गांव के लोगों में 55 वर्षीय महिला संतोष देवी, 80 वर्षीय राम प्यारी, तृप्ता देवी, चंचला देवी, मेला राम, आशु, विजय, राजेंद्र पाल, रामकृष्ण शर्मा, विनय, विकास, एवं प्रदीप सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले 20 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। इसके चलते लोगों को मजबूरन हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है। इसमें से पानी निकालने के लिए महिलाओं और बुजुर्गों को काफी जोर लगाना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि वार्ड नंबर एक की पारली बेहड़ बस्ती में हैंडपंप का गंदा पानी पीने से आधा दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं।
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बीमार लोग दवाइयां खाकर अपना इलाज करवा रहे हैं। आईपीएच विभाग को पेयजल व्यवस्था को लेकर कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन विभाग आंखें मूंद कर सोया हुआ है, जिससे लोगों को मजबूरन समीपवर्ती हैंडपंप से गंदा पानी पीने को मिल रहा है। इसके चलते कई लोगों के गले खराब हो चुके हैं। पीलिया को लेकर समूचे प्रदेश में हाई अलर्ट चल रहा है, गंदा पानी पीकर राजधानी शिमला में कई लोग बीमार होकर इसकी चपेट में आ चुके हैं। बावजूद इसके, चलाली गांव में आईपीएच विभाग सतर्क नजर नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि शीघ्र विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सहायक अभियंता के कार्यालय में सोमवार को धरना प्रदर्शन करेंगे। उधर, इस बारे में सब डिवीजन सुनहेत के एसडीओ प्रीतम चंद ने गंदे पानी के संबंध में कोई भी शिकायत मिलने से इनकार किया है। उनका कहना है कि हैंडपंप के पानी को टेस्ट के लिए लैब भेजा जाएगा।
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