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पंडोगा में ग्रामीणों ने अपने खर्च से स्वां नदी पर बनाया पुल
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Villagers in Pandoga made bridge on Swan river spending their own money
विकास चौधरी
ऊना। जब सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं पर आंखें मूंद ले और लोगों को वायदों के अलावा कुछ न दे पाएं तो कुछ लोग खुद बदलाव लाने का बीड़ा उठाते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण हरोली उपमंडल के पंडोगा गांव में देखने को मिला है। यहां के लोगों अपने खर्च पर स्वां नदी के ऊपर अस्थाई लोहे के पुल का निर्माण किया है।
इस पुल से पैदल और दोपहिया वाहन पर लोग सकते हैं। इसकी मदद से पंडोगा और बसाल, त्यूड़ी, पनोह जैसे गांवों तक चंद मिनटों में पहुंचा जा सकेगा। यहां के लोगों द्वारा समय-समय पर पुल के निर्माण की मांग राजनीतिक और प्रशासनिक मंच पर उठाया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। इसको बाद गांव के शमशेर सिंह की अगुवाई में ग्राणीणों ने अपने स्तर पर पुल के निर्माण करने की ठान ली और इसे पूरा कर दिखाया।
शमशेर सिंह ने बताया कि यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। पंडोगा के अलावा कई दूसरे गांवों के लोग रोजाना खेती व अन्य कामकाज के लिए स्वां नदी को पार करते हैं। वहीं बसाल, त्यूड़ी और पनोह जैसे गांवों से लोग इस ओर आते हैं। बीच में नदी होने के कारण लोगों के झलेड़ा से होकर करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। साथ ही सर्दी के मौसम में ठंडे पानी से गुजरते समय बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया चालकों को समस्याओं का सामने करना पड़ता था।
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कई बार तो दोपहिया चालक नदी में मौजूद बड़े पत्थरों के कारण दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। सरकार और प्रशासन ने सुनवाई न की तो उन्होंने खुद इसके निर्माण के लिए ग्रामीणों का सहयोग मांगा। 40 फीट के इस पुल के निर्माण में करीब 40 हजार का खर्च आया। रविवार को इसे स्वां नदी में स्थापित कर दिया गया, जिसमें गांव के करीब 30 लोगों ने 5 घंटे कर काम किया। अब पुल बनकर तैयार है और लोग इसका लाभ ले सकते हैं। इस कार्य में संतोख सिंह (पूर्व उप प्रधान), मंजीत सिंह, चेतराम, अमृतपाल, राजकुमार, राजेश कुमार, सोमनाथ, पवन कुमार, शमशेर सिंह व अन्य ग्रामीणों से सहयोग किया।
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ऊना। जब सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं पर आंखें मूंद ले और लोगों को वायदों के अलावा कुछ न दे पाएं तो कुछ लोग खुद बदलाव लाने का बीड़ा उठाते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण हरोली उपमंडल के पंडोगा गांव में देखने को मिला है। यहां के लोगों अपने खर्च पर स्वां नदी के ऊपर अस्थाई लोहे के पुल का निर्माण किया है।
इस पुल से पैदल और दोपहिया वाहन पर लोग सकते हैं। इसकी मदद से पंडोगा और बसाल, त्यूड़ी, पनोह जैसे गांवों तक चंद मिनटों में पहुंचा जा सकेगा। यहां के लोगों द्वारा समय-समय पर पुल के निर्माण की मांग राजनीतिक और प्रशासनिक मंच पर उठाया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। इसको बाद गांव के शमशेर सिंह की अगुवाई में ग्राणीणों ने अपने स्तर पर पुल के निर्माण करने की ठान ली और इसे पूरा कर दिखाया।
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शमशेर सिंह ने बताया कि यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। पंडोगा के अलावा कई दूसरे गांवों के लोग रोजाना खेती व अन्य कामकाज के लिए स्वां नदी को पार करते हैं। वहीं बसाल, त्यूड़ी और पनोह जैसे गांवों से लोग इस ओर आते हैं। बीच में नदी होने के कारण लोगों के झलेड़ा से होकर करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। साथ ही सर्दी के मौसम में ठंडे पानी से गुजरते समय बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया चालकों को समस्याओं का सामने करना पड़ता था।
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कई बार तो दोपहिया चालक नदी में मौजूद बड़े पत्थरों के कारण दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। सरकार और प्रशासन ने सुनवाई न की तो उन्होंने खुद इसके निर्माण के लिए ग्रामीणों का सहयोग मांगा। 40 फीट के इस पुल के निर्माण में करीब 40 हजार का खर्च आया। रविवार को इसे स्वां नदी में स्थापित कर दिया गया, जिसमें गांव के करीब 30 लोगों ने 5 घंटे कर काम किया। अब पुल बनकर तैयार है और लोग इसका लाभ ले सकते हैं। इस कार्य में संतोख सिंह (पूर्व उप प्रधान), मंजीत सिंह, चेतराम, अमृतपाल, राजकुमार, राजेश कुमार, सोमनाथ, पवन कुमार, शमशेर सिंह व अन्य ग्रामीणों से सहयोग किया।