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पत्थर में भी भगवान होता है : अतुल कृष्ण महाराज
Sat, 05 Oct 2024 02:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 05 Oct 2024 02:38 AM IST
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ऊना। पत्थर में भी भगवान होता है। यह अमृतवचन श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस में परम श्रद्धेय स्वामी अतुल कृष्ण महाराज ने प्राचीन सिद्धपीठ माता श्री कामाख्या देवी मंदिर पोलियां पुरोहितां अम्ब में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि सत्य की खोज आवश्यक है, परंतु कभी-कभी गलत को छोड़ने में सही का भी त्याग कर बैठते हैं। गलत को छोड़ने में ही जिंदगी नहीं गंवा देनी है, क्योंकि गलत के त्याग से सत्य नहीं हासिल हो जाता। जैसे गांव के सभी गलत मकान गिरा देने से सही मकान तो नहीं बन जाएगा। हम सही मकान बनाएं, सही मंदिर बनाएं, जिससे गलत अपने आप दिखाई पड़ने लगे, फिर गलत को गिराना भी आसान होगा। फिर इस भूल की संभावना नहीं बचती कि गलत की चपेट में सही भी गिर गया। महाराजश्री ने कहा कि क्रोध में कचरा तो फेंकते ही फेंकते हैं, हीरे भी फेंक देते हैं। सत्य हीरे की तरह है जो हमारे अहंकार को मिटाकर परमात्मा का अनुभव करा देता है।
शुक्रवार को भागवत कथा का महात्म्य, भगवान विष्णु का हयग्रीव अवतार, मधु-कैटभ वध एवं नवार्ण मंत्र की महिमा का प्रसंग सभी ने अत्यंत श्रद्धा से सुना। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सर्वश्री मानसिंह ठाकुर, प्रकाश चंद ठाकुर, सुभाष ठाकुर, कुलभूषण ठाकुर, राजिंदर पाल ठाकुर, साहिल ठाकुर, निखिल ठाकुर, संजू ठाकुर, करतार सिंह राणा, प्रकाश चंद धीमान, शिवकुमार, जीवन शर्मा नलोह, शुभलता ठाकुर, सुनीता शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि सत्य की खोज आवश्यक है, परंतु कभी-कभी गलत को छोड़ने में सही का भी त्याग कर बैठते हैं। गलत को छोड़ने में ही जिंदगी नहीं गंवा देनी है, क्योंकि गलत के त्याग से सत्य नहीं हासिल हो जाता। जैसे गांव के सभी गलत मकान गिरा देने से सही मकान तो नहीं बन जाएगा। हम सही मकान बनाएं, सही मंदिर बनाएं, जिससे गलत अपने आप दिखाई पड़ने लगे, फिर गलत को गिराना भी आसान होगा। फिर इस भूल की संभावना नहीं बचती कि गलत की चपेट में सही भी गिर गया। महाराजश्री ने कहा कि क्रोध में कचरा तो फेंकते ही फेंकते हैं, हीरे भी फेंक देते हैं। सत्य हीरे की तरह है जो हमारे अहंकार को मिटाकर परमात्मा का अनुभव करा देता है।
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शुक्रवार को भागवत कथा का महात्म्य, भगवान विष्णु का हयग्रीव अवतार, मधु-कैटभ वध एवं नवार्ण मंत्र की महिमा का प्रसंग सभी ने अत्यंत श्रद्धा से सुना। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सर्वश्री मानसिंह ठाकुर, प्रकाश चंद ठाकुर, सुभाष ठाकुर, कुलभूषण ठाकुर, राजिंदर पाल ठाकुर, साहिल ठाकुर, निखिल ठाकुर, संजू ठाकुर, करतार सिंह राणा, प्रकाश चंद धीमान, शिवकुमार, जीवन शर्मा नलोह, शुभलता ठाकुर, सुनीता शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।
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