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दो माह के लिए लटकी चरुड़ू-लोहारली पुल की टेंडर प्रक्रिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। चुरूड़ू-लोहारली पुल के निर्माण कार्य को शुरू करने की प्रक्रिया दो माह के लिए लटक गई है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान कोड भरने में हुई गलती के कारण अब टेंडर प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुरूड़ू-लोहारली पुल के निर्माण को मुद्दा बनाकर इसका इसका लाभ लेने की फिराक में बैठी भाजपा को झटका लगा है। लोक निर्माण विभाग के प्रयासों से इस पुल के लिए बुलाई गई निविदाएं खुलते ही खामी उजागर हुई। टेंडर खुलने पर सामने आया कि कंपनी की ओर से टेंडर भरते हुए एक कोड गलत भर दिया है। ऐसे में अब टेंडर प्रक्रिया को लोक निर्माण विभाग को फिर से पूरा करना होगा।
बता दें कि चुरूड़ू-लोहारली पुल का मामला जिला ऊना की तीन विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ा काफी पुराना मुद्दा है। इस मुद्दे को पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुल निर्माण का एलान कर इसे भुनाने का प्रयास किया था, लेकिन धरातल पर पुल निर्माण के लिए जरूरी कसरत शुरू न होने के चलते कांग्रेस को इसका लाभ नहीं हुआ था। वहीं, विधायक राजेश ठाकुर प्रयास कर इस पुल के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से बजट लाने में कामयाब रहे।
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को यहां बुलाकर इसका शिलान्यास भी करवाया ताकि समय रहते पुल का निर्माण कार्य शुरू हो सके। अब तकनीकी खामी ने अड़ंगा डाल दिया है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एचएल शर्मा का कहना है कि शीघ्र ही यह टेंडर दोबारा आमंत्रित किए जाएंगे।
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गगरेट (ऊना)। चुरूड़ू-लोहारली पुल के निर्माण कार्य को शुरू करने की प्रक्रिया दो माह के लिए लटक गई है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान कोड भरने में हुई गलती के कारण अब टेंडर प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुरूड़ू-लोहारली पुल के निर्माण को मुद्दा बनाकर इसका इसका लाभ लेने की फिराक में बैठी भाजपा को झटका लगा है। लोक निर्माण विभाग के प्रयासों से इस पुल के लिए बुलाई गई निविदाएं खुलते ही खामी उजागर हुई। टेंडर खुलने पर सामने आया कि कंपनी की ओर से टेंडर भरते हुए एक कोड गलत भर दिया है। ऐसे में अब टेंडर प्रक्रिया को लोक निर्माण विभाग को फिर से पूरा करना होगा।
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बता दें कि चुरूड़ू-लोहारली पुल का मामला जिला ऊना की तीन विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ा काफी पुराना मुद्दा है। इस मुद्दे को पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुल निर्माण का एलान कर इसे भुनाने का प्रयास किया था, लेकिन धरातल पर पुल निर्माण के लिए जरूरी कसरत शुरू न होने के चलते कांग्रेस को इसका लाभ नहीं हुआ था। वहीं, विधायक राजेश ठाकुर प्रयास कर इस पुल के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से बजट लाने में कामयाब रहे।
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को यहां बुलाकर इसका शिलान्यास भी करवाया ताकि समय रहते पुल का निर्माण कार्य शुरू हो सके। अब तकनीकी खामी ने अड़ंगा डाल दिया है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एचएल शर्मा का कहना है कि शीघ्र ही यह टेंडर दोबारा आमंत्रित किए जाएंगे।