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Una News: बरसात के बीच जिले के कुछ स्कूल खुले, बारिश में प्रबंधकों की बढ़ेगी परेशानी
Fri, 19 Jul 2024 04:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:13 AM IST
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जिला में बीते वर्ष भी अगस्त और सितंबर में पड़ी थी जोरदार बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बरसात को लेकर जून और जुलाई माह के दौरान सरकारी और निजी स्कूलों में हुई बरसात की छुट्टियां खत्म होने की कगार पर हैं। कई निजी स्कूलों में कक्षाएं शुरू भी हो चुकी हैं। ऐसे में स्कूल खुलने के बाद भारी बरसात होने की स्थिति भी बीते वर्ष जैसी उत्पन्न होने का खतरा बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक मानसून अधिक नहीं बरसा है। इतनी मात्रा में बारिश नहीं हुई कि कहीं जलभराव जैसे हालात हुए हों या नदियों-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ा हो, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगस्त और सितंबर माह के शुरुआती दिनों में भारी बारिश होने के आसार बने रहते हैं। बीते साल भी इसी समयावधि में तेज बारिश से चुनौतियां बढ़ी थीं और स्कूलों में छुट्टियां करनी पड़ीं। इस मुद्दे को बीते दिनों प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने भी उठाया था। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि विभाग ने समर विकेशन का शेड्यूल उस समय बनाया है, जब न तो ज्यादा गर्मी होती है, न ही बारिश का मौसम होता है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में 20 जुलाई से 31 अगस्त तक मानसून ब्रेक देना चाहिए, क्योंकि उस समय बारिश अपनी चरम सीमा पर होती है। छात्रों को स्कूल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
बीते साल सितंबर तक रहा था बारिश का कहर
ध्यान रहे कि जिले में बीते वर्ष सितंबर माह तक बारिश का कहर बरपा था। नदी-नाले उफान पर रहे और स्कूलों में छुट्टियां भी करनी पड़ीं, जिससे गर्मी के मौसम में जून और जुलाई माह के दौरान स्कूलों में होने वाली छुट्टियों को लेकर सवाल उठे।
कोट्स
स्कूलों में बारिश के बाद पैदा होने वाले विभिन्न हालातों को लेकर स्कूलों में प्रबंध रखने के लिए कहा गया है। बीते वर्ष कुछ स्कूलों में जलभराव हुआ था, लेकिन इस बार ऐसी परिस्थिति पैदा न होना, इसकी तैयारियां पहले से हैं। वहीं, छुट्टियों का फैसला उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार होता है। अगर इसमें बदलाव किया जाता है, तो निश्चित तौर पर उसे लागू किया जाएगा।
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राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बरसात को लेकर जून और जुलाई माह के दौरान सरकारी और निजी स्कूलों में हुई बरसात की छुट्टियां खत्म होने की कगार पर हैं। कई निजी स्कूलों में कक्षाएं शुरू भी हो चुकी हैं। ऐसे में स्कूल खुलने के बाद भारी बरसात होने की स्थिति भी बीते वर्ष जैसी उत्पन्न होने का खतरा बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक मानसून अधिक नहीं बरसा है। इतनी मात्रा में बारिश नहीं हुई कि कहीं जलभराव जैसे हालात हुए हों या नदियों-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ा हो, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगस्त और सितंबर माह के शुरुआती दिनों में भारी बारिश होने के आसार बने रहते हैं। बीते साल भी इसी समयावधि में तेज बारिश से चुनौतियां बढ़ी थीं और स्कूलों में छुट्टियां करनी पड़ीं। इस मुद्दे को बीते दिनों प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने भी उठाया था। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि विभाग ने समर विकेशन का शेड्यूल उस समय बनाया है, जब न तो ज्यादा गर्मी होती है, न ही बारिश का मौसम होता है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में 20 जुलाई से 31 अगस्त तक मानसून ब्रेक देना चाहिए, क्योंकि उस समय बारिश अपनी चरम सीमा पर होती है। छात्रों को स्कूल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
बीते साल सितंबर तक रहा था बारिश का कहर
ध्यान रहे कि जिले में बीते वर्ष सितंबर माह तक बारिश का कहर बरपा था। नदी-नाले उफान पर रहे और स्कूलों में छुट्टियां भी करनी पड़ीं, जिससे गर्मी के मौसम में जून और जुलाई माह के दौरान स्कूलों में होने वाली छुट्टियों को लेकर सवाल उठे।
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कोट्स
स्कूलों में बारिश के बाद पैदा होने वाले विभिन्न हालातों को लेकर स्कूलों में प्रबंध रखने के लिए कहा गया है। बीते वर्ष कुछ स्कूलों में जलभराव हुआ था, लेकिन इस बार ऐसी परिस्थिति पैदा न होना, इसकी तैयारियां पहले से हैं। वहीं, छुट्टियों का फैसला उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार होता है। अगर इसमें बदलाव किया जाता है, तो निश्चित तौर पर उसे लागू किया जाएगा।
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राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग