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फीस और अन्य चार्ज वसूलने का दबाव बना रहे निजी स्कूल

Tue, 01 Dec 2020 10:08 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Dec 2020 10:08 PM IST
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school fee
संतोषगढ़ (ऊना)। प्रदेश सरकार की ओर से फीस वसूली के साथ दूसरे चार्जेज भी वसूलने की अधिसूचना जारी होते ही निजी स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। स्कूलों की ओर से बाकायदा इसके लिए बच्चों के अभिभावकों को मोबाइल फोन पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। जिससे अभिभावकों में रोष है।
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कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान नहीं ली गई फीस भी अब निजी स्कूल वसूल कर सकेंगे। हिमाचल सरकार ने प्रदेश के निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली के निर्देश वापस ले लिए हैं। 27 अक्तूबर को कैबिनेट बैठक में हुए फैसले के बाद शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सरकार ने निजी स्कूलों को लॉकडाउन के दौरान बीते महीनों में छोड़ी गई फीस वसूलने की छूट भी दे दी है। अभिभावकों में मुनीष कुमार, पवन कुमार, मुकेश कुमार, विवेक कांत, सन्नी दत्त, नरेश कुमार, रमन कुमार, हर्ष कुमार, सुरेश ठाकुर, रमेश शर्मा, राजीव कुमार, प्रदीप कुमार, सुमनलता, मीनाक्षी, दीक्षा, शुभ, कुसुम, अजय कुमार, विजय कुमार का कहना है कि प्रदेश में सरकार का निजी स्कूलों पर कोई नियंत्रण ही नहीं है। जब बच्चे पूरा सत्र स्कूल गए ही नहीं तो स्कूल प्रबंधन किस बात की ट्रांसर्पोटेशन फीस व दूसरे चार्जेज मांग रहे हैं। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधनों की मनमानी पर सरकार को लगाम लगाने की अपील की है। वहीं, उपनिदेशक उच्च शिक्षा पीसी राणा का कहना है कि प्रदेश सरकार की अधिसूचना व दिशा निर्देशानुसार ही निजी स्कूलों की लॉकडाउन के बाद से लेकर ट्यूशन फीस के अलावा दूसरे चार्जेज लिए जाने की अधिसूचना प्रदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी की गई है।
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स्कूल प्रबंधन को स्कूल चलाना है मुश्किल: शर्मा
सीबीएसई मीडियम स्कूल प्रबंधन समिति संघ के अध्यक्ष एसके शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के आधार पर ही अभिभावकों से फीस व दूसरे चार्जेज लिए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को सारा प्रबंधन खुद करना पड़ता है। जिसके लिए फंड का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी अभिवावक को आर्थिक समस्या है तो वह इन बारे में स्कूल प्रबंधन को लिखित तौर पर अपनी अर्जी दे सकता है।
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