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मंदिरों के विकास व सरंक्षण के लिए सरकार देगी अनुदान
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ऊना। प्रदेश सरकार की ओर से आवर्ती निधि योजना के तहत मंदिरों को अनुदान राशि दी जाएगी। इसे पूजा अर्चना, रखरखाव और सीसीटीवी के लिए किया जा सकता है।
जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने बताया कि प्रदेश में मंदिरों की एक समृद्ध विरासत है। प्रदेश सरकार की ओर से भाषा एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से सांस्कृतिक विरासतों के संवर्द्धन और संरक्षण के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया गया है। बताया कि पहले प्रदेश के बहुत से मंदिरों की अपनी भू-संपदा थी, जिससे प्राप्त आय का उपयोग मंदिरों के रखरखाव और दैनिक पूजा अर्चना आदि के लिए किया जाता था। भूमि सुधार कानूनों के क्रियान्वयन के कारण बहुत से मंदिरों की भू संपदा मुजारों/सरकार में निहित होने के कारण फलस्वरूप उनकी आय में कमी आ गई। इस कारण मंदिरों का रखरखाव और पूजा-अर्चना का कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा था। इसके लिए सरकार की ओर से आवर्ती निधि योजना के तहत अनुदान राशि उन मंदिरों को दी जाएगी, जिनकी भूमि विभिन्न भूसुधार अधिनियमों (1953,1972) के तहत मुजारों/सरकार में निहित हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंदिर समितियों/कारदारों के माध्यम से अनुदान के लिए आवेदन करेेंगे। पात्र मंदिर वार्षिक अनुदान भी प्राप्त कर सकते हैं। जिसमें मंदिरों में पूजा-अर्चना और रखरखाव के अलावा सीसीटीवी कैमरे आदि लगवाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एक मुश्त अनुदान लेकर मंदिर परिसर में आय का साधन बनाने के लिए सराय, दुकान या अन्य परिसंपतियों का निर्माण करवाया जा सकता है। इच्छुक मंदिर कमेटियां आवेदन के लिए निर्धारित प्रपत्र जिला भाषा अधिकारी कार्यालय जिला ऊना से प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01975224199 पर संपर्क कर सकते हैं।
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जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने बताया कि प्रदेश में मंदिरों की एक समृद्ध विरासत है। प्रदेश सरकार की ओर से भाषा एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से सांस्कृतिक विरासतों के संवर्द्धन और संरक्षण के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया गया है। बताया कि पहले प्रदेश के बहुत से मंदिरों की अपनी भू-संपदा थी, जिससे प्राप्त आय का उपयोग मंदिरों के रखरखाव और दैनिक पूजा अर्चना आदि के लिए किया जाता था। भूमि सुधार कानूनों के क्रियान्वयन के कारण बहुत से मंदिरों की भू संपदा मुजारों/सरकार में निहित होने के कारण फलस्वरूप उनकी आय में कमी आ गई। इस कारण मंदिरों का रखरखाव और पूजा-अर्चना का कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा था। इसके लिए सरकार की ओर से आवर्ती निधि योजना के तहत अनुदान राशि उन मंदिरों को दी जाएगी, जिनकी भूमि विभिन्न भूसुधार अधिनियमों (1953,1972) के तहत मुजारों/सरकार में निहित हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंदिर समितियों/कारदारों के माध्यम से अनुदान के लिए आवेदन करेेंगे। पात्र मंदिर वार्षिक अनुदान भी प्राप्त कर सकते हैं। जिसमें मंदिरों में पूजा-अर्चना और रखरखाव के अलावा सीसीटीवी कैमरे आदि लगवाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एक मुश्त अनुदान लेकर मंदिर परिसर में आय का साधन बनाने के लिए सराय, दुकान या अन्य परिसंपतियों का निर्माण करवाया जा सकता है। इच्छुक मंदिर कमेटियां आवेदन के लिए निर्धारित प्रपत्र जिला भाषा अधिकारी कार्यालय जिला ऊना से प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01975224199 पर संपर्क कर सकते हैं।