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Una News: टकारला में 10 दिन से बंद सड़क बनी मुसीबत
Sat, 23 Aug 2025 08:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 23 Aug 2025 08:55 AM IST
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बंद पड़ी टकारला और शिव नगर को जोड़ने वाली सड़क को लेकर रोष जताते लोग। -संवाद
बड़ूही (ऊना)। उपमंडल अंब की टकारला पंचायत के ग्रामीण पिछले 10 दिनों से सड़क बंद होने से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। गारनी खड्ड के किनारे टकारला और शिव नगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर चल रहा निर्माण कार्य ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली के कारण अधर में लटका है, जिससे दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूली बच्चे उफनती खड्ड पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। डनसटन पब्लिक स्कूल के बच्चों को भी रोजाना इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। टकारला के साहिल मोहम्मद ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण समय पर डॉक्टर न पहुंच पाने से उसकी बीमार भैंस की मौत हो गई, जिससे उसे एक लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि केवल 3-4 मजदूर काम पर लगाए गए हैं और कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। ग्रामीण रतन चंद ठाकुर, तरलोक शर्मा, पुष्पेंद्र ठाकुर, सोनू, नीटू शर्मा आदि ने प्रशासन से मांग की है कि काम में तेजी लाने और वैकल्पिक रास्ता खोलने के आदेश दिए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुनवाई न हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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वहीं, ठेकेदार शिव हाकम ने सफाई दी कि भारी बारिश से पानी जमा हो गया था, इसलिए पूरी सड़क को खोदना पड़ा। अब नाले का निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता वरिंदर वर्मा ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है और ठेकेदार को निर्देश दे दिए गए हैं कि कम से कम एक साइड से रास्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोगों की समस्याएं कम हों।
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ग्रामीणों का कहना है कि स्कूली बच्चे उफनती खड्ड पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। डनसटन पब्लिक स्कूल के बच्चों को भी रोजाना इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। टकारला के साहिल मोहम्मद ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण समय पर डॉक्टर न पहुंच पाने से उसकी बीमार भैंस की मौत हो गई, जिससे उसे एक लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
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ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि केवल 3-4 मजदूर काम पर लगाए गए हैं और कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। ग्रामीण रतन चंद ठाकुर, तरलोक शर्मा, पुष्पेंद्र ठाकुर, सोनू, नीटू शर्मा आदि ने प्रशासन से मांग की है कि काम में तेजी लाने और वैकल्पिक रास्ता खोलने के आदेश दिए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुनवाई न हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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वहीं, ठेकेदार शिव हाकम ने सफाई दी कि भारी बारिश से पानी जमा हो गया था, इसलिए पूरी सड़क को खोदना पड़ा। अब नाले का निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता वरिंदर वर्मा ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है और ठेकेदार को निर्देश दे दिए गए हैं कि कम से कम एक साइड से रास्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोगों की समस्याएं कम हों।