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राजस्व दस्तावेज में छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी करने पर सजा
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ऊना। राजस्व दस्तावेज में छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी करने के मामले में एसीजेएम ऊना मनीषा गोयल की अदालत ने शनिवार को आरोपी तत्कालीन पटवारी व पंचायत सचिव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इस मामले में शामिल तत्कालीन कानूनगो की ट्रायल पेंडेंसी के दौरान मौत हो गई थी।
इस मामले में जीत राम ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके पिता ने तीन कनाल 13 मरला जमीन प्रेम लता पत्नी प्रकाश चंद को बेची थी। प्रकाश चंद ने बुद्धि सिंह तत्कालीन पटवारी व सुखराम तत्कालीन कानूनगो के साथ मिलकर राजस्व दस्तावेज से छेड़छाड़ की और छह कनाल चार मरला जमीन की रजिस्ट्री कर दी। विजिलेंस को शिकायत मिलने पर जांच की गई। सभी प्रकार की औपचारिकताओं के बाद चालान कोर्ट में दायर किया गया। कोर्ट में 16 गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की दलीलों के बाद तीनों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने तत्कालीन पटवारी बुद्धि सिंह निवासी कुठार तहसील शाहपुर जिला कांगड़ा को आईपीसी की धारा 468 के तहत तीन साल सजा, आईपीसी की धारा 120बी के तहत छह माह सजा सुनाई। 40 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने पर छह साल सजा भुगतनी होगी। अदालत ने प्रकाश चंद तत्कालीन पंचायत सचिव निवासी कुशवां ब्राह्मणा तहसील बंगाणा जिला ऊना को आईपीसी की धारा 468 के तहत तीन साल, आईपीसी की धारा 120बी के तहत छह माह सजा सुनाई। 35 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने की सूरत पर छह माह की कैद भुगतनी होगी। कोर्ट से मंगलवार को सजा होने की पुष्टि जिला न्यायवादी भीष्म चंद ने की। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्टेट की तरफ से एपीपी प्रमोद कुमार नेगी मौजूद रहे।
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इस मामले में जीत राम ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके पिता ने तीन कनाल 13 मरला जमीन प्रेम लता पत्नी प्रकाश चंद को बेची थी। प्रकाश चंद ने बुद्धि सिंह तत्कालीन पटवारी व सुखराम तत्कालीन कानूनगो के साथ मिलकर राजस्व दस्तावेज से छेड़छाड़ की और छह कनाल चार मरला जमीन की रजिस्ट्री कर दी। विजिलेंस को शिकायत मिलने पर जांच की गई। सभी प्रकार की औपचारिकताओं के बाद चालान कोर्ट में दायर किया गया। कोर्ट में 16 गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की दलीलों के बाद तीनों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने तत्कालीन पटवारी बुद्धि सिंह निवासी कुठार तहसील शाहपुर जिला कांगड़ा को आईपीसी की धारा 468 के तहत तीन साल सजा, आईपीसी की धारा 120बी के तहत छह माह सजा सुनाई। 40 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने पर छह साल सजा भुगतनी होगी। अदालत ने प्रकाश चंद तत्कालीन पंचायत सचिव निवासी कुशवां ब्राह्मणा तहसील बंगाणा जिला ऊना को आईपीसी की धारा 468 के तहत तीन साल, आईपीसी की धारा 120बी के तहत छह माह सजा सुनाई। 35 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने की सूरत पर छह माह की कैद भुगतनी होगी। कोर्ट से मंगलवार को सजा होने की पुष्टि जिला न्यायवादी भीष्म चंद ने की। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्टेट की तरफ से एपीपी प्रमोद कुमार नेगी मौजूद रहे।
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