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मासूम का क्या था कसूर, जान देकर चुकानी पड़ी भरोसे की कीमत
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अंब थाने के बाहर जमा लोगों की भीड़।
- फोटो : Una
ऊना। अंब उपमंडल के प्रताप नगर में 15 साल की मासूम प्राची की हत्या से क्षेत्र में हर कोई सन्न है। इलाके के लोग घटना पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कल्पना भी नहीं की जा सकती कि बेकसूर मासूम बच्ची का कोई इतनी बेरहमी से कत्ल कर गया।
मासूम प्राची को अपनी जान देकर चुनानी पड़ी भरोसे की कीमत।
डीएवी अंबोटा की दसवीं कक्षा की छात्रा प्राची हत्यारोपी युवक आसिफ मोहम्मद को जानती थी। आसिफ रोजाना उनके घर अखबार देने आता था।
आसिफ मोहम्मद छात्रा के परिवार का भरोसा जीत चुका था और लगातार उनके संपर्क में भी। अखबार बांटने के बहाने परिजनों से उसकी बातचीत भी होती रहती थी। इसलिए, मासूम प्राची यह भनक भी नहीं लगी कि आसिफ उस पर गलत नीयत रखता है। वह मौके की तलाश में था। भोलीभाली प्राचीन ने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि आसिफ एक दिन उसकी बेरहमी से हत्या कर देगा। इसी भरोसे का खामियाजा मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
बताया जा रहा है कि प्राची अनजान लोगों के लिए कभी गेट नहीं खोलती थी। घर में एक पालतू कुत्ता भी था। आरोपी आसिफ मोहम्मद जान पहचान और अखबार का बिल देने के बहाने घर में दाखिल हुआ और घिनौनी वारदात को अंजाम दे गया।
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बता दें कि प्राची डीएवी स्कूल अंबोटा की दसवीं कक्षा की छात्रा थी। इस समय वह घर पर ही रहकर परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। इस बात से आरोपी वाकिफ था और इसी का फायदा उठाकर वह घर में दाखिल हुआ।
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मासूम प्राची को अपनी जान देकर चुनानी पड़ी भरोसे की कीमत।
डीएवी अंबोटा की दसवीं कक्षा की छात्रा प्राची हत्यारोपी युवक आसिफ मोहम्मद को जानती थी। आसिफ रोजाना उनके घर अखबार देने आता था।
आसिफ मोहम्मद छात्रा के परिवार का भरोसा जीत चुका था और लगातार उनके संपर्क में भी। अखबार बांटने के बहाने परिजनों से उसकी बातचीत भी होती रहती थी। इसलिए, मासूम प्राची यह भनक भी नहीं लगी कि आसिफ उस पर गलत नीयत रखता है। वह मौके की तलाश में था। भोलीभाली प्राचीन ने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि आसिफ एक दिन उसकी बेरहमी से हत्या कर देगा। इसी भरोसे का खामियाजा मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
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बताया जा रहा है कि प्राची अनजान लोगों के लिए कभी गेट नहीं खोलती थी। घर में एक पालतू कुत्ता भी था। आरोपी आसिफ मोहम्मद जान पहचान और अखबार का बिल देने के बहाने घर में दाखिल हुआ और घिनौनी वारदात को अंजाम दे गया।
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बता दें कि प्राची डीएवी स्कूल अंबोटा की दसवीं कक्षा की छात्रा थी। इस समय वह घर पर ही रहकर परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। इस बात से आरोपी वाकिफ था और इसी का फायदा उठाकर वह घर में दाखिल हुआ।