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Una News: 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे आलू के दाम
Mon, 24 Nov 2025 06:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 24 Nov 2025 06:03 AM IST
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हरोली क्षेत्र में आलू की पटाई करते मजदूर। संवाद
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ऊना। जिले में आलू की पटाई ने जोर पकड़ लिया है। बड़े स्तर पर फसल पंजाब व अन्य राज्यों की मंडियों में पहुंचाई जा रही है। फसल के दाम में प्रतिदिन अंतर देखने को मिल रहा है। रविवार को आलू के दाम 1300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहे जबकि शनिवार को भाव 1200 रुपये के आसपास था।
जानकारी के अनुसार आलू की फसल को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के व्यापारी खेतों से खरीद रहे हैं। किसान केवल मजदूर लगाकर फसल को बोरियां में भरकर तुलाई करते हैं। इसके बाद व्यापारी अपनी गाड़ियों में आलू की खेप लोड कर मंडियों में बेच रहे हैं। इससे किसानों का गाड़ियों का किराया जरूर बचता है लेकिन बाजार में फसल के असल भाव क्या हैं, इससे वे अनजान रह जाते हैं। व्यापारी अपनी मर्जी का भाव लगाकर फसल खरीद रहे हैं।
किसान रविंद्र कुमार, प्रेम चंद, विनोद, तरसेम लाल, सुनील कुमार ने बताया कि आलू की फसल को आम भाषा में जुए की फसल बोला जाता है। इस फसल से कई किसानों की आर्थिकी सुधरी है तो वहीं कइयों को नुकसान भी हुआ। फसल के दाम प्रतिदिन बदलते रहते हैं। कब दाम गिर जाए, इसकी अनिश्चितता रहती है। इस बार अभी तक दाम नुकसान देने वाले नहीं है लेकिन फसल की अधिक आमद होना बाकी है।
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उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की फसल इस बार अच्छे से तैयार हुई है। मौसम की परिस्थितियां बेहतर रहने से फसल की पैदावार भी अच्छी है। आलू के भाव निश्चित करने पर कोई आदेश आते ही, उन्हें लागू किया जाएगा। फिलहाल इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है।
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जानकारी के अनुसार आलू की फसल को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के व्यापारी खेतों से खरीद रहे हैं। किसान केवल मजदूर लगाकर फसल को बोरियां में भरकर तुलाई करते हैं। इसके बाद व्यापारी अपनी गाड़ियों में आलू की खेप लोड कर मंडियों में बेच रहे हैं। इससे किसानों का गाड़ियों का किराया जरूर बचता है लेकिन बाजार में फसल के असल भाव क्या हैं, इससे वे अनजान रह जाते हैं। व्यापारी अपनी मर्जी का भाव लगाकर फसल खरीद रहे हैं।
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किसान रविंद्र कुमार, प्रेम चंद, विनोद, तरसेम लाल, सुनील कुमार ने बताया कि आलू की फसल को आम भाषा में जुए की फसल बोला जाता है। इस फसल से कई किसानों की आर्थिकी सुधरी है तो वहीं कइयों को नुकसान भी हुआ। फसल के दाम प्रतिदिन बदलते रहते हैं। कब दाम गिर जाए, इसकी अनिश्चितता रहती है। इस बार अभी तक दाम नुकसान देने वाले नहीं है लेकिन फसल की अधिक आमद होना बाकी है।
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उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की फसल इस बार अच्छे से तैयार हुई है। मौसम की परिस्थितियां बेहतर रहने से फसल की पैदावार भी अच्छी है। आलू के भाव निश्चित करने पर कोई आदेश आते ही, उन्हें लागू किया जाएगा। फिलहाल इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है।