फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Not a forensic expert, Una Hospital depends on Tanda in suspicious cases

Una News: फोरेंसिक विशेषज्ञ नहीं, संदिग्ध मामलों में टांडा पर निर्भर ऊना अस्पताल

Mon, 06 Jul 2026 11:20 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Mon, 06 Jul 2026 11:20 AM IST
विज्ञापन
Not a forensic expert, Una Hospital depends on Tanda in suspicious cases
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में फोरेंसिक विशेषज्ञ का स्वीकृत पद लंबे समय से खाली होने के कारण संदिग्ध मौतों और अन्य संवेदनशील मामलों में मरीजों और पुलिस को मेडिकल कॉलेज टांडा का रुख करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

फोरेंसिक विशेषज्ञ के अभाव में रोजाना औसतन तीन से चार मामले पोस्टमार्टम और विशेषज्ञ राय के लिए टांडा रेफर किए जा रहे हैं। अस्पताल में हर महीने करीब 50 से 60 पोस्टमार्टम किए जाते हैं।
विज्ञापन

हालांकि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों के मामलों में फोरेंसिक विशेषज्ञ की आवश्यकता होने पर शवों को मेडिकल कॉलेज टांडा भेजना पड़ता है। इससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने में समय लगता है, जिसका सीधा असर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाती है। क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों के 38 स्वीकृत पद हैं, जिनमें फोरेंसिक विशेषज्ञ सहित चार मेडिकल ऑफिसर के पद रिक्त हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मेडिकल कॉलेज नहीं होने वाले जिलों में फोरेंसिक विशेषज्ञों की कमी के कारण ऐसी दिक्कतें लगातार बनी हुई हैं।
जांच में अहम होती है फोरेंसिक रिपोर्ट
विशेषज्ञों के अनुसार आपराधिक और संदिग्ध मामलों में फोरेंसिक जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डीएनए, फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तैयार रिपोर्ट अदालत में साक्ष्य के रूप में उपयोग होती है और अपराध की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की मदद करती है।

क्षेत्रीय अस्पताल में फोरेंसिक विशेषज्ञ का पद स्वीकृत है लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हुई है। इसी कारण संदिग्ध परिस्थितियों के मामलों को पोस्टमार्टम और विशेषज्ञ राय के लिए मेडिकल कॉलेज टांडा भेजना पड़ता है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही संबंधित मामलों में अंतिम चिकित्सकीय राय दी जाती है। -डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed