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Una News: ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही, योजनाएं अटकीं
Mon, 28 Jul 2025 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:40 AM IST
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ऊना। जिला ऊना में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की योजनाएं उम्मीद के मुताबिक कामयाब नहीं हो पाई हैं। पंचायतों में बनाए जाने वाले ठोस कचरा प्रबंधन शेड कई जगहों पर अधूरे हैं, जबकि कुछ में इनका निर्माण ही नहीं हुआ। जहां शेड बने हैं, वहां रखरखाव और स्टाफ की कमी के चलते इनका संचालन बाधित है।
जिले में पांच प्लास्टिक वेस्ट यूनिट स्थापित की गई थीं, परंतु ऊना, बंगाणा और हरोली ब्लॉक की यूनिटें ही पूरी तरह संचालित हो रही हैं। अंब ब्लॉक में मशीनरी तो पहुंच गई है, लेकिन संचालन के लिए डेमोंस्ट्रेशन तक नहीं हुआ। भद्रकाली में यूनिट का निर्माण ग्रामीणों के विरोध और अदालत में चल रहे मामले के चलते अटका पड़ा है। पंचायत स्तर पर निगरानी और जवाबदेही के अभाव ने समस्या को और बढ़ाया है।
ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विकास खंड कार्यालयों के अनुसार क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें अंब में 7, बंगाणा में 9, गगरेट में 4, हरोली में 4 और ऊना में 8 है। मगर पंचायतों के बीच समन्वय की कमी के कारण काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया। शेड और यूनिट निष्क्रिय रहने से गांवों में गंदगी बढ़ रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शेष यूनिटों को चालू करने के लिए जल्द कदम उठाए जा रहे हैं।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पंचायतें अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही हैं। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि हर पंचायत में ठोस कचरा प्रबंधन शेड का निर्माण किया जाए और पंचायतों के समूहों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन करके काम को गति दी जाए।
डीआरडीए ऊना के परियोजना अधिकारी केएल वर्मा ने बताया कि जल्द ही शेष विकास खंडों में भी प्लास्टिक वेस्ट यूनिट संचालन में लाई जाएंगी। पंचायतों से अपेक्षित परिणाम न मिलने की स्थिति में अब यूनिटों का संचालन विकास खंड कार्यालयों के माध्यम से किया जाएगा।” उन्होंने आमजन से सहयोग करने की भी अपील की।
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जिले में पांच प्लास्टिक वेस्ट यूनिट स्थापित की गई थीं, परंतु ऊना, बंगाणा और हरोली ब्लॉक की यूनिटें ही पूरी तरह संचालित हो रही हैं। अंब ब्लॉक में मशीनरी तो पहुंच गई है, लेकिन संचालन के लिए डेमोंस्ट्रेशन तक नहीं हुआ। भद्रकाली में यूनिट का निर्माण ग्रामीणों के विरोध और अदालत में चल रहे मामले के चलते अटका पड़ा है। पंचायत स्तर पर निगरानी और जवाबदेही के अभाव ने समस्या को और बढ़ाया है।
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ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विकास खंड कार्यालयों के अनुसार क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें अंब में 7, बंगाणा में 9, गगरेट में 4, हरोली में 4 और ऊना में 8 है। मगर पंचायतों के बीच समन्वय की कमी के कारण काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया। शेड और यूनिट निष्क्रिय रहने से गांवों में गंदगी बढ़ रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शेष यूनिटों को चालू करने के लिए जल्द कदम उठाए जा रहे हैं।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पंचायतें अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही हैं। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि हर पंचायत में ठोस कचरा प्रबंधन शेड का निर्माण किया जाए और पंचायतों के समूहों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन करके काम को गति दी जाए।
डीआरडीए ऊना के परियोजना अधिकारी केएल वर्मा ने बताया कि जल्द ही शेष विकास खंडों में भी प्लास्टिक वेस्ट यूनिट संचालन में लाई जाएंगी। पंचायतों से अपेक्षित परिणाम न मिलने की स्थिति में अब यूनिटों का संचालन विकास खंड कार्यालयों के माध्यम से किया जाएगा।” उन्होंने आमजन से सहयोग करने की भी अपील की।