{"_id":"6798ce7230004c696e0a71fd","slug":"narrated-incident-of-childhood-pastimes-of-lord-shri-krishna-una-news-c-93-1-ssml1048-144486-2025-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुनाया प्रसंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुनाया प्रसंग
विज्ञापन
भगवान की शरण में जाने से होता है भक्त का कल्याण : शास्त्री
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शीतला माता मंदिर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने बताया कि भगवान कृष्ण अपने भक्तों के अपराधों का सदैव हरण करते हैं। भगवान की शरण में जाने से भक्त का कल्याण होता है। कृष्ण रूप में भगवान ने अनेक लीलाएं कीं और भक्ति मार्ग पर चलने का संदेश दिया। भगवान ने बाल रूप में माखन चुराकर लीला की। असुरों का वध और कालिया नाग पर नृत्य कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। गोवर्धन पर्वत धारण कर भगवान ने गोप-ग्वालों का अहंकार तोड़ा। उन्होंने कहा कि जो परमात्मा के बन जाते हैं उनके समस्त जीवन के दुख कट जाते हैं। भगवान कहते हैं यदि प्राणी मेरे में समर्पित हो जाए तो मैं हमेशा रक्षा करने के लिए तत्पर रहता हूं। मनुष्य जीवन में तीन प्रकार के पाप करता है। मन, वचन और शरीर से। इन तीन प्रकार के पापों का समूल नाश केवल हरि सुमिरन से ही होता है। एक बार कृष्ण नाम बोलने से जीवन में हर प्रकार से पाप नष्ट हो जाते हैं। जैसे घास की ढेर में एक माचिस की चिंगारी पड़ जाए तो समस्त घास का ढेर नष्ट हो जाता है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शीतला माता मंदिर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने बताया कि भगवान कृष्ण अपने भक्तों के अपराधों का सदैव हरण करते हैं। भगवान की शरण में जाने से भक्त का कल्याण होता है। कृष्ण रूप में भगवान ने अनेक लीलाएं कीं और भक्ति मार्ग पर चलने का संदेश दिया। भगवान ने बाल रूप में माखन चुराकर लीला की। असुरों का वध और कालिया नाग पर नृत्य कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। गोवर्धन पर्वत धारण कर भगवान ने गोप-ग्वालों का अहंकार तोड़ा। उन्होंने कहा कि जो परमात्मा के बन जाते हैं उनके समस्त जीवन के दुख कट जाते हैं। भगवान कहते हैं यदि प्राणी मेरे में समर्पित हो जाए तो मैं हमेशा रक्षा करने के लिए तत्पर रहता हूं। मनुष्य जीवन में तीन प्रकार के पाप करता है। मन, वचन और शरीर से। इन तीन प्रकार के पापों का समूल नाश केवल हरि सुमिरन से ही होता है। एक बार कृष्ण नाम बोलने से जीवन में हर प्रकार से पाप नष्ट हो जाते हैं। जैसे घास की ढेर में एक माचिस की चिंगारी पड़ जाए तो समस्त घास का ढेर नष्ट हो जाता है।