फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Loss to the cultivation of green vegetables due to continuous rain

जिले में लगातार बारिश से हरी सब्जियों की खेती को नुकसान

Mon, 04 Jul 2022 08:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 08:39 PM IST
विज्ञापन
Loss to the cultivation of green vegetables due to continuous rain
्वां नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण किनारे में प्रवासी मजदूरों की फसल तबाद होना शुरू हो गई है। स्वा? - फोटो : Una
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ऊना। जिले में बीते दिनों से हो रही बारिश के कारण स्वां नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। इसका सीधा नुकसान स्वां नदी किनारे हो रही हरी सब्जियों की खेती को पहुंचा है। स्वां के किनारे बड़ी संख्या में प्रवासी लोग हरी सब्जियों की खेती करते हैं, लेकिन यह खेती नदी का जलस्तर बढ़ने से पहले-पहले ही फायदे का सौदा साबित होती है।
जानकारी के अनुसार, जिले के मध्य से गुजरने वाली स्वां नदी के किनारों पर कई गांवों में प्रवासी मजदूर घीया, कद्दू, करेला, शिमला मिर्च, टमाटर जैसी हरी सब्जियों की खेती करते हैं। इसके अलावा यहां तरबूज और खीरा भी उगाया जाता है। खेती के लिए सिंचाई भी स्वां नदी से की जाती है। खास बात यह है कि ज्यादातर प्रवासी अपनी हरी सब्जियों को ऊना-धर्मशाला और ऊना-होशियारपुर हाईवे पर बेचते हैं। हिमाचल प्रदेश आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन सब्जियों की खरीद करते हैं।
विज्ञापन

इसकी एक मुख्य वजह यह भी है कि ये सब्जियां सीधी स्वां किनारे बने अस्थायी खेतों से लाई जाती हैं, लेकिन बरसात आते ही स्वां नदी के किनारे हरी सब्जियों की खेती पर खतरा मंडराने लगता है। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के बाद स्वां नदी का जलस्तर बढ़ा है। ऐसे में पुराना होशियारपुर सड़क मार्ग के किनारे हरी सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि अभी तक स्वां के जलस्तर ने अधिक खतरा पैदा नहीं किया है। अगर आने वाले दिनों में भारी बारिश होती है तो इससे सब्जियों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वां नदी किनारे हरी सब्जियों की खेती प्रवासी लोगों के लिए आय का अच्छा स्रोत है। नदी किनारे लगाई जाने वाली सब्जियां फसल बीमा योजना के तहत नहीं आती। प्रवासी खेती को उस हिसाब से करते हैं कि बरसात से पहले अच्छी आय हो जाए और नुकसान कम से कम हो।
-रमेश लाल, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed