{"_id":"67600bb9361b35fe3901db7a","slug":"lokmitra-centers-and-stamp-sellers-accused-of-charging-arbitrary-prices-una-news-c-93-1-una1002-141080-2024-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: लोकमित्र केंद्रों और स्टांप विक्रेताओं पर मनमाने दाम वसूलने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: लोकमित्र केंद्रों और स्टांप विक्रेताओं पर मनमाने दाम वसूलने का आरोप
Tue, 17 Dec 2024 07:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 17 Dec 2024 07:44 AM IST
विज्ञापन
घनारी (ऊना)। जिला ऊना में संचालित लोकमित्र केंद्रों से जहां जनता को त्वरित सेवाओं का लाभ मिल रहा है। मगर कुछ लोकमित्र केंद्रों और स्टांप विक्रेताओं द्वारा सेवाओं के मनमाने दाम वसूलने के मामले सामने आए हैं। इस संबंध में अंबोटा पंचायत के निवासी राकेश कुमार ने उपायुक्त को शिकायत पत्र भेजा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार 10 रुपये के स्टांप पेपर पर 20 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण लोकमित्र केंद्रों और स्टांप विक्रेताओं द्वारा रेट लिस्ट का सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन न करना है। कई केंद्रों पर यह लिस्ट या तो उपलब्ध नहीं है या ऐसी जगह लगाई गई है जहां इसे पढ़ना मुश्किल है।
राकेश कुमार ने इस मामले में उपायुक्त ऊना को शिकायत पत्र भेजकर मांग की है कि लोकमित्र केंद्रों की सेवाओं के लिए तय रेट लिस्ट को सार्वजनिक रूप से प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। रेट लिस्ट न होने के कारण लोग मजबूरी में अधिक शुल्क चुकाने को विवश हैं। राकेश ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और रेट लिस्ट के पालन पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकायतकर्ता के अनुसार 10 रुपये के स्टांप पेपर पर 20 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण लोकमित्र केंद्रों और स्टांप विक्रेताओं द्वारा रेट लिस्ट का सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन न करना है। कई केंद्रों पर यह लिस्ट या तो उपलब्ध नहीं है या ऐसी जगह लगाई गई है जहां इसे पढ़ना मुश्किल है।
विज्ञापन
राकेश कुमार ने इस मामले में उपायुक्त ऊना को शिकायत पत्र भेजकर मांग की है कि लोकमित्र केंद्रों की सेवाओं के लिए तय रेट लिस्ट को सार्वजनिक रूप से प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। रेट लिस्ट न होने के कारण लोग मजबूरी में अधिक शुल्क चुकाने को विवश हैं। राकेश ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और रेट लिस्ट के पालन पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाया जा सके।
विज्ञापन