{"_id":"69c2dba9da5a8de777048e07","slug":"information-about-the-hpv-vaccine-una-news-c-93-1-una1002-185835-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: एचपीवी वैक्सीन की दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: एचपीवी वैक्सीन की दी जानकारी
Wed, 25 Mar 2026 12:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
गगरेट (ऊना)। गगरेट सिविल अस्पताल में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष यस वी कैन एंड टीबी थीम के तहत लोगों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति सजग करने के साथ-साथ इसके रोकथाम और उपचार को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है लेकिन समय पर जांच और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों को दवाइयों का पूरा कोर्स करना बेहद जरूरी है ताकि बीमारी जड़ से खत्म हो सके।
इसके अलावा खांसी दो सप्ताह से अधिक रहने, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने को कहा गया। इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन को लेकर भी जागरूक किया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज पराशर ने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में कारगर है और कई देशों में पहले से ही इसका उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 29 मार्च, 5 अप्रैल, 12 अप्रैल, 19 अप्रैल, 10 मई और 21 मई को विशेष टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है लेकिन समय पर जांच और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों को दवाइयों का पूरा कोर्स करना बेहद जरूरी है ताकि बीमारी जड़ से खत्म हो सके।
विज्ञापन
इसके अलावा खांसी दो सप्ताह से अधिक रहने, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने को कहा गया। इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन को लेकर भी जागरूक किया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज पराशर ने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में कारगर है और कई देशों में पहले से ही इसका उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 29 मार्च, 5 अप्रैल, 12 अप्रैल, 19 अप्रैल, 10 मई और 21 मई को विशेष टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे।
विज्ञापन